Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

कश्मीर हिमालय की 5 ग्लेशियल झीलें GLOF के लिए बेहद संवेदनशील, 2,704 इमारतों और 15 पुलों पर खतरा

September 4, 2026

कश्मीर हिमालय की 5 ग्लेशियल झीलें GLOF के लिए बेहद संवेदनशील, 2,704 इमारतों और 15 पुलों पर खतरा

श्रीनगर : जर्नल ऑफ ग्लेशियोलॉजी में छपी एक स्टडी के मुताबिक, कश्मीर हिमालय की पांच ग्लेशियल झीलों को ग्लेशियल झील के फटने से बाढ़ आने की बहुत ज़्यादा ससेप्टिबिलिटी वाली माना गया है। मॉडलिंग से पता चलता है कि संभावित फटने से नीचे की तरफ 2,704 इमारतें, 15 बड़े पुल, सड़कें और एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकते हैं।

स्टडी में GLOF ससेप्टिबिलिटी से जुड़े कई इंडिकेटर्स का इस्तेमाल करके 155 ग्लेशियल झीलों का मूल्यांकन किया गया। ब्रमसर, नुंडकोल, भागसर, चिरसर और गंगाबल को बहुत ज़्यादा ससेप्टिबिलिटी वाली कैटेगरी में रखा गया। 35 और झीलों को ज़्यादा ससेप्टिबिलिटी वाली माना गया, जबकि 77 मॉडरेट कैटेगरी में आईं। रिसर्चर्स ने अलग-अलग झीलों की ससेप्टिबिलिटी में योगदान देने वाले फैक्टर्स में अंतर की पहचान की। ब्रम्सर में सबसे ज़्यादा ससेप्टिबिलिटी इंडेक्स रहा, उसके बाद नुंडकोल, भागसर, चिरसर और गंगाबल का नंबर रहा।

असेसमेंट में अनुमान लगाया गया कि ब्रम्सर और चिरसर से होने वाले संभावित आउटबर्स्ट इवेंट्स से 406 बिल्डिंग्स और पांच पुलों पर असर पड़ सकता है। नुंडकोल और गंगाबल से जुड़ी घटनाओं से 1,184 बिल्डिंग्स, चार पुलों और एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर असर पड़ सकता है, जबकि भागसर से मुगल रोड के साथ 1,114 बिल्डिंग्स और छह पुलों को खतरा हो सकता है। कुल मिलाकर, पांचों झीलों में 2,704 बिल्डिंग्स और 15 बड़े पुलों के साथ संभावित डाउनस्ट्रीम एक्सपोजर पाया गया।

रिसर्चर्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक्सपोजर के आंकड़े इंडिकेटिव हैं क्योंकि असेसमेंट में असली बाढ़ के पूरे फिजिकली बेस्ड सिमुलेशन के बजाय बफर-बेस्ड मॉडलिंग का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने लगातार सैटेलाइट और फील्ड मॉनिटरिंग, हाइड्रोडायनामिक मॉडलिंग और कम्युनिटी-बेस्ड अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम की सलाह दी।

📍 Location: Srinagar (Srinagar)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें