
Flavor of Mountain Literature in Karnah : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर एकेडमी ऑफ़ आर्ट्स, कल्चर एंड लैंग्वेजेज़ के पहाड़ी सेक्शन द्वारा GDC करनाह में आयोजित एकदिवसीय साहित्यिक कार्यक्रम में शोध, कविता और कहानी का सुंदर संगम देखने को मिला। वरिष्ठ अधिकारियों, साहित्यकारों और उभरते रचनाकारों की मौजूदगी में पहाड़ी भाषा और साहित्य के संरक्षण व संवर्धन पर भी विशेष चर्चा हुई।

बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एडवोकेट काज़ी महबूब इलाही विशिष्ट अतिथि थे। सीनियर लेखक और कलाकार अब्दुल रशीद कुरैशी और IT विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी ए.एच. मसूदी भी मौजूद थे। साहित्यिक सत्र में अब्दुल रशीद लोन गमगीन, मीर गुलाम हैदर नदीम और मोहम्मद अयूब नईम ने पहाड़ी भाषा और साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर रिसर्च पेपर पेश किए। कविता सत्र में कवियों – अब. अज़ीज़ माल्ड्याल नदीम, अब्दुल रशीद कुरैशी, शब्बीर ग़ाज़ी, मशकूर अहमद शाद, इफ़्तिख़ार कुरैशी, शकील अवान सागर, मुख्तार अवान, मीर खुशाल फ़ैज़ी, गुलाम यह्या क़ैस, सज्जाद मलिक, सज्जाद-उल-हसन, ज़मीर अहमद अवान, राजा नज़ीर खान, सफ़ीर बेदार, आज़ाद खान आज़ाद और अमजद शेख – ने अपनी कविताएँ सुनाईं।
फिक्शन लेखक रज़ा जावेद कुरैशी ने फिक्शन सेशन के दौरान एक लघु कथा (short story) सुनाई। कार्यक्रम का संचालन JKAACL के रिसर्च असिस्टेंट (पहाड़ी) अब्दुल वाहिद मनहास ने किया। उन्होंने पहाड़ी सेक्शन की गतिविधियों और प्रकाशन पहलों के बारे में बात की। अपने संबोधन में, प्रिंसिपल असदुल्लाह खान ने सीनियर और उभरते लेखकों को एक मंच पर लाने के लिए JKAACL की सराहना की। डॉ. ए.एच. मसूदी ने भी क्षेत्रीय भाषाओं को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
मेष: दिन शुभ रहेगा...