Resignation of 4 BJP Councilors from Kargil : श्रीनगर। LAHDC कारगिल में राजनीतिक हलचल के बीच BJP के चार पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया। पार्षदों ने बदली प्रशासनिक सीमाओं, बजट पारित करने में देरी और मौजूदा भौगोलिक ढांचे को देखते हुए तत्काल नए सिरे से सीमांकन कराने की मांग की। उन्होंने नए परिसीमन के आधार पर LAHDC कारगिल के चुनाव जल्द कराने की भी अपील की।
पार्षदों—चा (Cha) से चुने गए पार्षद स्टैनज़िन लाकपा; स्टकचे खंगराल (Stakchey Khangral) से चुने गए पार्षद पद्मा दोरजे; और नॉमिनेटेड पार्षद रिग्ज़िन गुरमेट और लामग्याल फोनचोक—ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने LAHDC कारगिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। अपने फ़ैसले के बारे में बताते हुए पार्षदों ने कहा कि मौजूदा कारगिल हिल काउंसिल के तहत आने वाले इलाकों के बंटवारे ने काउंसिल के भौगोलिक ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने बताया कि पहले LAHDC कारगिल के तहत आने वाले इलाके अब दूसरे प्रशासनिक ज़िलों का हिस्सा बन गए हैं, जिसमें नया बना शाम (Sham) ज़िला भी शामिल है।
पार्षदों ने कहा कि बदले हुए हालात में, हिल काउंसिल के मौजूदा भौगोलिक और प्रतिनिधित्व ढांचे के साथ काम जारी रखना सही नहीं है। उन्होंने काउंसिल का बजट पास करने में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस देरी से कारगिल के लोगों को परेशानी हुई है और काउंसिल के कामकाज व विकास से जुड़े कामों पर असर पड़ा है। पार्षदों ने मांग की कि बिना और देरी किए सीमांकन की प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि LAHDC कारगिल के चुनाव क्षेत्रों को मौजूदा प्रशासनिक सीमाओं के हिसाब से फिर से तय किया जा सके। उन्होंने यह भी मांग की कि LAHDC कारगिल के चुनाव तुरंत कराए जाएं, क्योंकि काउंसिल के भौगोलिक ढांचे में बदलाव के बाद नए जनादेश की ज़रूरत है।
इस्तीफ़े की यह घोषणा LAHDC कारगिल में जारी राजनीतिक अनिश्चितता और हिल काउंसिल में हाल की राजनीतिक घटनाओं के बीच हुई है। पार्षदों ने कहा कि उनका फ़ैसला बदले हुए भौगोलिक हालात और नए सिरे से सीमांकन व चुनाव के ज़रिए एक प्रतिनिधि काउंसिल बनाने की ज़रूरत से प्रेरित है। दो चुने हुए और दो नॉमिनेटेड पार्षदों के इस्तीफ़े से हिल काउंसिल के आस-पास राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ने की संभावना है, जबकि तुरंत सीमांकन और चुनाव की उनकी मांग प्रशासन पर LAHDC कारगिल के बदले हुए भौगोलिक ढांचे से निपटने का दबाव डालती है।

