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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ का कहर: जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई इलाके प्रभावित

Jammu-Kashmir flood : जम्मू और कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासतौर पर जम्मू क्षेत्र की तवी नदी उफान पर है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर ने चौथे तवी पुल के एक हिस्से को बहा दिया, जिससे सड़क संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

बेलीचराना और भद्रवाह सबसे ज्यादा प्रभावित
जम्मू के बेलीचराना इलाके में जलप्रलय जैसी स्थिति बन गई है। यहां करीब 35 घरों और 6 दुकानों को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। वहीं, डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने कई घरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

भद्रवाह निवासी गणेश ने बताया कि “रात के समय अचानक जोरदार आवाज़ आई, और उसके तुरंत बाद मलबा गिरने लगा। हमारा पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया है, और अब हम किसी अन्य के घर में रह रहे हैं।”

श्रीनगर में भी खतरे के संकेत
कश्मीर घाटी में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। श्रीनगर में लगातार बारिश के चलते झेलम नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

प्रशासन ने राहत कार्य तेज किए
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आपदा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और उन्हें सभी आवश्यक सेवाएं मुहैया कराने में कोई कोताही न बरती जाए।

उन्होंने कहा, “बिजली, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सेवाएं, राशन और संचार व्यवस्था जैसी सभी मूलभूत सेवाओं को बहाल करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।”

आईएमडी की चेतावनी और राहत की उम्मीद
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ दिनों में बारिश में कमी आने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अगले 6-7 दिनों तक भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।

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