लखनपुर : आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर लखनपुर में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से एक व्यापक कंटींजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। लखनपुर स्थित अमरनाथ यात्रा रिसेप्शन सेंटर एवं आसपास रावी दरिया क्षेत्र में चलाए गए इस विशेष सुरक्षा अभ्यास के दौरान विभिन्नआपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया, समन्वय और तैयारियों का परीक्षण किया गया।
जानकारी के अनुसार आज 19 जून 2026 को दोपहर लगभग 3:15 बजे, लखनपुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लखनपुर रिसेप्शन सेंटर के समीप मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह विशेष कंटींजेंसी ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास 121 बटालियन सीआरपीएफ के डीसी संदीप कुमार शर्मा की निगरानी में डीवाईएसपी डीएआर भगवान दास तथा एसएचओ लखनपुर नीरज चौधरी की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लेकर विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों का प्रदर्शन किया।
मॉकड्रिल में आतंकवादी हमले, संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ नियंत्रण, यात्रियों की सुरक्षित निकासी, रेस्क्यू ऑपरेशन, क्षेत्र की घेराबंदी और आपदा प्रबंधन जैसे कई संवेदनशील परिदृश्यों को शामिल किया गया। सुरक्षा बलों ने यह दिखाया कि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में किस प्रकार त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और संयुक्त प्रतिक्रिया क्षमता का भी परीक्षण किया गया।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग आपातकालीन एवं संकटपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षा बलों की तैयारी का आकलन करना और उसे और अधिक मजबूत बनाना था। लगभग 3:50 बजे यह इमरजेंसी एक्सरसाइज सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तत्परता और पेशेवर दक्षता का प्रभावी प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सड़क मार्ग से लखनपुर के रास्ते जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कर अमरनाथ यात्रा पर रवाना होते हैं। लखनपुर को यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां श्रद्धालुओं के आरएफआईडी कार्ड, यात्रा परमिट, पहचान पत्र और वाहनों के दस्तावेजों की गहन जांच की जाती है।
सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही यात्रियों के काफिलों को सुरक्षा घेरे में आगे भेजा जाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू बनाने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। यात्रा शुरू होने से पहले इस प्रकार की मॉकड्रिल यह सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की जा रही हैं कि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा बल तत्काल और प्रभावी कार्रवाई कर सकें।3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा से पहले लखनपुर में हुआ यह बड़ा सुरक्षा अभ्यास इस बात का संकेत है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
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