Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

कश्मीर के फल ट्रकों के लिए NH-44 पर ग्रीन कॉरिडोर की उम्मीद

August 29, 2026

कश्मीर के फल ट्रकों के लिए NH-44 पर ग्रीन कॉरिडोर की उम्मीद

Hopes for a green corridor for Kashmir’s fruit trucks : श्रीनगर। कश्मीर की बागवानी अर्थव्यवस्था को राहत देने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। AIP के मुख्य प्रवक्ता इनाम-उन-नबी ने बताया कि लोकसभा सदस्य इंजीनियर राशिद की ओर से NH-44 पर फल से लदे ट्रकों के लिए विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाने की मांग पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संज्ञान लिया है।

मंत्रालय ने मामले पर कार्रवाई के लिए विचार किए जाने की जानकारी दी है, जिससे फल उत्पादकों को सीजन में बिना अनावश्यक देरी के देश के विभिन्न बाजारों तक अपनी उपज पहुंचाने की उम्मीद जगी है। इनाम-उन-नबी ने कहा कि मंत्रालय ने बताया है कि इस मामले पर “कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है।” इस प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए इनाम-उन-नबी ने कहा, “यह कश्मीर की बागवानी अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम मुद्दा है। हज़ारों किसान घाटी के बाहर बाज़ारों में अपने फलों के समय पर परिवहन पर निर्भर हैं। NH-44 पर लंबे समय तक रुकने या रुकावट आने से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।”

इनाम-उन-नबी ने कहा कि अगर प्रस्तावित ‘ग्रीन कॉरिडोर’ को सही ढंग से लागू किया जाता है, तो इससे कश्मीर के सभी फल उत्पादकों को बहुत राहत मिलेगी। इससे बागवानी के मुख्य सीज़न के दौरान फलों से लदे ट्रकों को प्राथमिकता मिलेगी और उनकी आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सकेगी। उन्होंने कहा, “Er. राशिद ने हमारे किसानों की वास्तविक मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए यह मांग उठाई है। हम नितिन गडकरी जी और उनके मंत्रालय का इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद करते हैं। हमें उम्मीद है कि कार्रवाई का यह भरोसा जल्द ही ज़मीन पर एक स्पष्ट व्यवस्था में बदल जाएगा।”

इनाम ने आगे कहा कि ‘ग्रीन कॉरिडोर’ में NH-44 के अहम हिस्से, खासकर काज़ीगुंड और बनिहाल शामिल होने चाहिए और यह फलों के मुख्य सीज़न के दौरान चालू रहना चाहिए, ताकि कश्मीर के बागवानी उत्पाद बिना किसी अनावश्यक देरी के राष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँच सकें। AIP इस मामले को तब तक उठाती रहेगी जब तक कि कश्मीर से फलों से लदे ट्रकों की सुचारू आवाजाही के लिए कोई व्यावहारिक और स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें