जम्मू/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगातार संपर्क में हैं और केंद्र सरकार तथा जम्मू-कश्मीर के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत जारी है। इनमें जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना प्रमुख मुद्दा है। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और केंद्र के बीच राज्य का दर्जा बहाल करने के अलावा कार्य संचालन नियमों की मंजूरी, करीब दो वर्षों से लंबित महाधिवक्ता की नियुक्ति तथा आरक्षण संबंधी रिपोर्ट जैसे कई मामले लंबित हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र द्वारा पहले उठाए गए सवालों के जवाब जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल ने दे दिए हैं, लेकिन आरक्षण संबंधी रिपोर्ट अभी तक केंद्र सरकार को भेजी नहीं गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर बातचीत चल रही है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि देश में मुसलमानों के साथ अलग इकाई जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए।
कश्मीर में शुरू हुए पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य स्थानीय फिल्म निमार्ताओं और जनसंचार के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय सिनेमा से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि कश्मीर कभी देश का प्रमुख फिल्मांकन केंद्र था और सरकार चाहती है कि निमार्ता दोबारा यहां फिल्मों की शूटिंग के लिए आएं। चिकित्सा प्रशिक्षुओं की भूख हड़ताल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला इतना लंबा नहीं खिंचना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को इस पर जल्द निर्णय लेना होगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू प्रदर्शन कर रहे प्रशिक्षुओं के संपर्क में हैं और उन्हें कुछ आश्वासन भी दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि यह मामला जल्द सुलझे, क्योंकि इससे कामकाज और प्रशिक्षुओं की पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

