Last Updated: November 5, 2026

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जम्मू-कश्मीर सरकार ने बढ़ाई वित्तीय शक्तियां, अब ₹30 करोड़ तक के प्रोजेक्ट को मिल सकेगी प्रशासनिक मंजूरी

August 11, 2026

जम्मू-कश्मीर सरकार ने बढ़ाई वित्तीय शक्तियां, अब ₹30 करोड़ तक के प्रोजेक्ट को मिल सकेगी प्रशासनिक मंजूरी

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर सरकार ने विकास कार्यों और सरकारी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए वित्तीय शक्तियों के बंटवारे में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने Administrative Approval, Technical Sanction और Contract Award से जुड़ी वित्तीय सीमाओं को संशोधित किया है। इसका उद्देश्य फैसलों को विकेंद्रीकृत करना और परियोजनाओं में होने वाली प्रशासनिक देरी को कम करना है।

वित्त विभाग ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 67 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह नया वित्तीय ढांचा लागू किया है। यह व्यवस्था 9 जनवरी 2020 को जारी पुराने आदेश की जगह लेगी।

अब ₹30 करोड़ तक के काम को प्रशासनिक मंजूरी

नए नियमों के तहत संबंधित प्रशासनिक विभाग को Director Finance/FA और CAO की सहमति से ₹30 करोड़ तक की लागत वाले विभिन्न कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी देने का अधिकार होगा।

वित्तीय शक्तियों की नई सीमा इस प्रकार है:

प्रशासनिक विभाग:₹30 करोड़ तक
चीफ इंजीनियर: FA/CAO की सहमति से ₹15 करोड़ तक
विभागाध्यक्ष और DDC: ₹7.50 करोड़ तक
सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर: ₹4.50 करोड़ तक

₹30 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रस्तावों को वित्त विभाग की सहमति के बाद काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स (CoM) के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

टेक्निकल मंजूरी की सीमा भी बदली

सरकार ने मूल निर्माण कार्यों के विस्तृत अनुमान, विशेष मरम्मत, रेनोवेशन, विस्तार और बदलाव जैसे कार्यों के लिए तकनीकी मंजूरी की शक्तियों में भी बदलाव किया है।

नई सीमा के अनुसार:

सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर: ₹2 करोड़ तक
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर:  ₹75 लाख तक
असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर: ₹10 लाख तक

इसके अलावा ₹5 लाख और ₹20 लाख से अधिक लागत वाले कार्यों के प्लान और डिजाइन के लिए संबंधित स्तर पर तकनीकी मंजूरी से पहले सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और चीफ इंजीनियर की मंजूरी जरूरी होगी।

मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए भी तय हुई सीमा

मेंटेनेंस और रिपेयर के कार्यों के लिए तकनीकी मंजूरी की सीमा भी निर्धारित की गई है:

सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर: ₹7.50 लाख तक
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर: ₹3.75 लाख तक
असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर: ₹1 लाख तक

कॉन्ट्रैक्ट देने की वित्तीय शक्ति बढ़ी

सरकार ने विभिन्न कार्यों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मंजूर करने और जारी करने की शक्तियों में भी बढ़ोतरी की है।

नई सीमा इस प्रकार है:

डिपार्टमेंटल कॉन्ट्रैक्ट कमेटी: ₹60 करोड़ तक
चीफ इंजीनियर: ₹30 करोड़ तक
सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर: ₹10.50 करोड़ तक
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर: ₹2.25 करोड़ तक

सरकार का मकसद विकास कार्यों में तेजी लाना

सरकार के इस फैसले से उम्मीद है कि विकास परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी और अलग-अलग स्तरों पर अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में तेजी से निर्णय लेने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत तय वित्तीय सीमा के भीतर आने वाले प्रोजेक्ट्स को संबंधित प्रशासनिक और इंजीनियरिंग स्तर पर ही मंजूरी और लागू किया जा सकेगा। इससे छोटी और मध्यम परियोजनाओं को बार-बार उच्च स्तर के अधिकारियों के पास भेजने की जरूरत कम होगी।

यह अधिसूचना वित्त विभाग, कोड्स डिवीजन, सिविल सेक्रेटेरिएट, जम्मू/श्रीनगर की ओर से जारी की गई है। अधिसूचना पर वित्त विभाग के वित्तीय आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव) शैलेंद्र कुमार, IAS के हस्ताक्षर हैं।

📍 Location: Srinagar (Srinagar)

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