जम्मू-कश्मीर सरकार सितंबर में पेश करेगी मशरूम की नई किस्म जम्मू-कश्मीर का कृषि विभाग एनपीएस-5 किस्म के मशरूम की खेती के सफल परीक्षण के बाद इस साल सितंबर में इसके वाणिज्यिक खेती के लिए इसे बाजार में पेश करेगा। यह नई किस्म उच्च प्रतिरोधी क्षमता वाली है और जल्द खराब नहीं होगी। कृषि विभाग के निदेशक, के के शर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हमारी मशरूम की दूसरी किस्म एनपीएस-5 है।
हम इसका ‘मास्टर कल्चर’ बना रहे हैं। इस साल सितंबर महीने तक (जम्मू-कश्मीर में व्यावसायिक खेती के लिए) किसानों को बीज वितरित किए जाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि परीक्षण सफल रहे। ‘‘यह कम पानी, अधिक पानी की स्थितियों और कार्बन डाइऑक्साइड की उच्च सांद्रता से प्रभावित नहीं होता है। यह जल्दी खराब भी नहीं होता है।’’ शर्मा ने इस किस्म के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि बाजार में मौजूद ज्यादातर मशरूम अगर एक या दो दिन नहीं बिके तो वे बासी हो जाते हैं। लेकिन मशरूम की नई किस्म के साथ ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसकी गुणवत्ता के कारण, इसका बाजार मूल्य बढ़ेगा और यह अधिक आय सृजित करेगा।’’ कृषि विभाग जम्मू-कश्मीर में मशरूम क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रहा है। शर्मा ने कहा, ‘‘जब मशरूम अपने ‘शेल्फ लाइफ’ के दौरान भूरे रंग का हो जाता है, तो इसका बाजार में दाम घट जाता है और किसानों और इसके बाजार को घाटा होता है। नई किस्म के मामले में ऐसा नहीं है।’’ जम्मू-कश्मीर में मशरूम की खेती में जोड़े गई नयी विशेषताओं के कारण किसानों को बड़े पैमाने पर फायदा होगा।