
जम्मू-कश्मीर डेस्कः प्रदेश के श्रम आयुक्त ने आगामी दिनों में संभावित लू (हीटवेव) को देखते हुए मजदूरों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कारखानों, निर्माण स्थलों, ईंट-भट्टों, परिवहन, कृषि और अन्य खुले या गर्म वातावरण में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी फैक्ट्री इंस्पेक्टरों और सहायक श्रम आयुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों में इन सुरक्षा उपायों के प्रभावी प्रचार और क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
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एडवाइजरी में नियोक्ताओं और प्रबंधन से अपील की गई है कि जहां संभव हो, कार्य के समय में बदलाव किया जाए ताकि श्रमिकों को दोपहर की तेज गर्मी में काम न करना पड़े। कार्यस्थलों पर पर्याप्त सुरक्षित पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, उचित वेंटिलेशन और ठंडक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं, ओआरएस और इलेक्ट्रोलाइट सप्लीमेंट उपलब्ध कराने तथा श्रमिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर भी जोर दिया गया है।
ठंडे समय में करवाएं कठिन कार्य
कारखानों, निर्माण स्थलों और अत्यधिक गर्मी वाले अन्य कार्यस्थलों के प्रबंधन को सलाह दी गई है कि कठिन और श्रमसाध्य कार्य दिन के अपेक्षाकृत ठंडे समय में करवाए जाएं। इसके अलावा कार्यस्थलों के पास छायादार शेल्टर उपलब्ध कराने और श्रमिकों को हीट स्ट्रेस के लक्षण, बचाव के उपाय तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रम आयुक्त ने निर्माण श्रमिकों, ईंट-भट्ठा मजदूरों, प्रवासी श्रमिकों, आकस्मिक कर्मियों और दिहाड़ी मजदूरों जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष सुरक्षा पर जोर दिया है।
गर्मी से बचाव के प्रति जागरूकता जरूरी
फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रमिकों को हीट एग्जॉशन, शरीर में पानी की कमी से बचाव, सुरक्षात्मक कपड़ों के उपयोग और अत्यधिक गर्मी से बचने के उपायों के प्रति जागरूक करें। श्रम आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को एडवाइजरी के सख्ती से पालन के लिए नियमित निरीक्षण करने तथा नियोक्ताओं और श्रमिकों के बीच इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि इन निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
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