जम्मू-कश्मीर डेस्क। इजरायल के साथ संघर्ष में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में लोग आक्रोशित हैं। रविवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच कश्मीर में परीक्षाओं को स्थगित किया गया।
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जम्मू-कश्मीर सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (JKSSB) ने रविवार को जानकारी दी कि गृह विभाग में लैबोरेटरी अटेंडेंट के पद के लिए ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा दी गई है। नोटिफिकेशन में कहा गया कि सभी संबंधित उम्मीदवारों की जानकारी के लिए यह सूचित किया जाता है कि 22 जुलाई 2025 को जारी विज्ञापन नोटिफिकेशन के तहत लैबोरेटरी अटेंडेंट (होम डिपार्टमेंट) के पद के लिए ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा रविवार को होने वाली थी, उसे स्थगित किया जाता है। परीक्षा की नई तारीख अलग से बताई जाएगी।
हालांकि, जेकेएसएसबी की ओर से रविवार को जारी नोटिफिकेशन में परीक्षा स्थगित करने का कारण नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में रविवार को श्रीनगर में प्रदर्शन हुआ। कश्मीरी शिया मुसलमान बड़ी संख्या में एकजुट हुए और मार्च करते हुए श्रीनगर स्थित लाल चौक पहुंचे, जहां अपना विरोध दर्ज कराया।
Chief Minister has expressed deep concern over the unfolding developments in Iran, including reports of the killing of Iran’s Supreme Leader, Ayatollah Ali Khamenei. He has appealed to all communities to remain calm, uphold peace, and avoid any actions that could lead to tension…
— Office of Chief Minister, J&K (@CM_JnK) March 1, 2026
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष पर चिंताएं जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि मुख्यमंत्री (उमर अब्दुल्ला) ने ईरान में हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर, आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर है। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने, संयम रखने और ऐसे किसी भी कार्य से बचने की अपील की है, जो तनाव या अशांति का कारण बन सकते हैं। पोस्ट में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि ईरान में वर्तमान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सके।”
Today marks a deeply tragic & shameful point in history with Israel & USA boasting about the killing of Iran’s beloved leader Ayatollah Ali Khanenei. What’s more disgraceful & shocking is the explicit & implicit support given by Muslim countries who chose convenience & expedience… pic.twitter.com/WoIBWtDwNI
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) March 1, 2026
वहीं, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पोस्ट किया कि आज इतिहास में दुखद और शर्मनाक मोड़ आया है, जब इजरायल और अमेरिका ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खानेनेई की मौत पर शेखी बघार रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, “शर्मनाक और चौंकाने वाली बात है कि मुस्लिम देशों ने स्पष्ट और अप्रत्यक्ष समर्थन दिया, जिन्होंने अंतरात्मा की आवाज सुनने के बजाय सुविधाओं और तात्कालिक लाभ को चुना। महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि इतिहास गवाह बनेगा कि किसने न्याय के लिए संघर्ष किया और किसने अत्याचारियों की मदद की। ईरान के लोगों के साथ हमारी दुआएं हैं।
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