जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में जांच एजेंसी एनआईए ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है। जम्मू की एनआईए कोर्ट ने एक टेरर केस के सिलसिले में पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज मुहम्मद सईद के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है। BNSS की धारा 75 के तहत माँगा गया यह वारंट आगे की जांच और कस्टडी में पूछताछ के लिए DIG NIA, जम्मू को तामील (एग्जीक्यूशन) के लिए भेजा गया है।
UAPA, 1967 के तहत आतंकवादी घोषित सईद पर सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को प्रायोजित करने और उनका निर्देशन करने का आरोप है, और यह आदेश उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।
एनआईए की चार्जशीट में हाफिज सईद को बनाया गया आरोपी
एनआईए ने 10 जुलाई को अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में पहली बार हाफिज सईद को इस मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर हाफिज सईद इस आतंकी हमले की साजिश में शामिल था। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि हमले की पूरी योजना पाकिस्तान में तैयार की गई थी और इसका संचालन वहां बैठे आतंकी नेटवर्क ने किया।
गैरमौजूदगी में चलेगा मुकदमा
अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब हाफिज सईद के खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने का रास्ता खुल गया है। एनआईए ने अदालत को बताया है कि हाफिज सईद इस समय पाकिस्तान में मौजूद है और उसे भारत लाना फिलहाल संभव नहीं है। नए आपराधिक कानूनों के तहत यदि कोई आरोपी जानबूझकर कानून से बचता है और अदालत के सामने पेश नहीं होता, तो उसके खिलाफ उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाया जा सकता है।
क्या था पहलगाम आतंकी हमला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक थे, जो छुट्टियां मनाने के लिए कश्मीर पहुंचे थे। इस हमले की सबसे दर्दनाक बात यह थी कि आतंकियों ने कई लोगों से उनका धर्म पूछा और उसके बाद उन्हें गोली मार दी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
📍 Location: Srinagar (Srinagar)

