जम्मू कश्मीर न्यूजः जम्मू में नशे के बढ़ते जाल को तोड़ने के लिए जम्मू पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। इस अभियान में नशा तस्करों के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क और अवैध ढांचों को भी ध्वस्त किया गया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 204 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें 311 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 35 महिला नशा तस्कर भी शामिल हैं। नशा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 71 वाहनों को भी जब्त किया गया।
15 किलो से ज्यादा हेरोइन बरामद
जम्मू पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 15 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा 78 किलो गांजा, 114 किलो पोस्ता भूसा, चरस, अफीम, कैप्सूल और अन्य नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए।
संगठित नशा तस्करों पर शिकंजा
नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ 11 कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों का खुलासा करते हुए 38 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, 11 कुख्यात नशा तस्करों को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया।
आर्थिक नेटवर्क और अवैध ढांचे ध्वस्त
ड्रग माफिया की कमर तोड़ने के लिए 85.70 लाख रुपये की तीन अचल संपत्तियां और 11.40 लाख रुपये मूल्य का एक वाहन जब्त किया गया। इसके साथ ही जिले में चिन्हित तीन ड्रग हॉटस्पॉट ध्वस्त किए गए और कुल 23 नशा-लिंक्ड अवैध ढांचे गिराए गए।
दोषसिद्धि और सप्लाई चेन का खुलासा
कानूनी कार्रवाई का असर यह रहा कि वर्ष 2025 में 48 मामलों में दोषसिद्धि हुई। एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने बताया कि सप्लाई चेन जांच के तहत 12 एफआईआर दर्ज कर 36 आरोपियों को जम्मू, पंजाब, कठुआ, उधमपुर और राजौरी से गिरफ्तार किया गया।
जब्त नशे का नष्टीकरण
एनडीपीएस एक्ट की धारा 52-ए के तहत 82 मामलों में जब्त नशीले पदार्थों का नष्टीकरण किया गया। इसमें 5293 किलो भुक्की, 49 किलो कैनाबिस, 44 किलो चरस, हेरोइन, ब्राउन शुगर, हजारों कैप्सूल, टैबलेट और सैकड़ों बोतल कफ सिरप शामिल हैं।
जागरूकता और पुनर्वास पर फोकस
जम्मू पुलिस ने नशे के खिलाफ जागरूकता और पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी। वर्ष 2025 में 27 नशा जागरूकता कार्यक्रम, 325 पीसीपीजी बैठकें, 179 थाना दिवस और 469 आईईसी अभियान चलाए गए।
आम जनता से सहयोग की अपील
ड्रग डी-एडिक्शन एवं पुनर्वास केंद्र, छन्नी (जम्मू) में 1667 ओपीडी मरीजों का इलाज किया गया और 311 मरीजों को भर्ती किया गया। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी से जुड़ी किसी भी जानकारी को हेल्पलाइन नंबर 100 पर साझा करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

