जम्मू-कश्मीर डेस्क: नए साल के मद्देनज़र जम्मू के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों से मिले संकेतों के बाद सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर हैं। आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकी घुसपैठ की कोशिशें हो सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार आने वाले कुछ हफ्तों तक घने कोहरे की संभावना है, जिसका फायदा उठाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई जा सकती है। इसी को देखते हुए जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में पहले से लागू हाई अलर्ट को और प्रभावी बनाया गया है। इसके साथ ही पंजाब सीमा पर भी बीएसएफ ने निगरानी बढ़ा दी है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पठानकोट और गुरदासपुर जैसे कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों को घुसपैठ के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील स्थानों पर लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
हालिया इनपुट में यह भी सामने आया है कि तीन से चार आतंकियों का एक दल सीमा के उस पार सक्रिय हो सकता है। सीमा सुरक्षा बल के साथ-साथ बॉर्डर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और विलेज डिफेंस गार्ड्स रात के समय विशेष गश्त कर रहे हैं।
अगस्त महीने में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सीमा की फेंसिंग और चौकियों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। जम्मू और पंजाब के बीएसएफ अधिकारी आपसी समन्वय बनाए हुए हैं और वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से हालात की समीक्षा कर रहे हैं।
कम दृश्यता की स्थिति में भी आधुनिक उपकरणों और तकनीक के जरिए निगरानी जारी है। साथ ही ड्रोन के माध्यम से हो रही नशे और हथियारों की तस्करी की कोशिशों को भी सुरक्षा बलों ने समय रहते विफल किया है। नए साल से पहले किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
मेष: दिन शुभ रहेगा...