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J&K हाई कोर्ट ने AAP MLA मेहराज मलिक की सिक्योरिटी रिव्यू का दिया आदेश

J&K: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने सरकार को डोडा से AAP MLA मेहराज मलिक के सिक्योरिटी से जुड़े मामले को सिक्योरिटी रिव्यू कोऑर्डिनेशन कमेटी (SRCC) के सामने रखने का निर्देश दिया है, ताकि उनके खतरे की जानकारी और सही सिक्योरिटी इंतज़ाम का डिटेल्ड असेसमेंट किया जा सके।

जस्टिस संजय धर ने यह निर्देश मलिक की उस पिटीशन पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उन्हें दिया गया सिक्योरिटी कवर फिर से शुरू करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने अधिकारियों को MLA की तरफ से दी गई रिप्रेजेंटेशन पर विचार करने और कानून के मुताबिक फैसला लेने का निर्देश दिया। पूरी प्रोसेस को तेज़ी से और छह हफ़्ते के अंदर पूरा करने का आदेश दिया गया है।

मलिक ने अपनी सिक्योरिटी इंतज़ाम कम किए जाने और उनकी एस्कॉर्ट गाड़ी वापस लिए जाने के बाद हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। अपनी पिटीशन में, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात पर ठीक से विचार किए बिना 28 अप्रैल, 2026 से उनकी सिक्योरिटी कम कर दी गई थी। उन्होंने आगे दावा किया कि जम्मू-कश्मीर के 90 MLAs में से वह अकेले ऐसे हैं जो बिना सिक्योरिटी एस्कॉर्ट के यात्रा कर रहे हैं।

सुनवाई के दौरान, मलिक ने तर्क दिया कि सिक्योरिटी इंतज़ाम किसी व्यक्ति की खतरे की समझ के आधार पर तय किए जाने चाहिए, न कि राजनीतिक कारणों से। कोर्ट के निर्देशों के बाद, अब उनके केस की जांच पहले से मौजूद सिक्योरिटी-रिव्यू सिस्टम के ज़रिए की जाएगी।

हाई कोर्ट के ऑर्डर में मलिक का सिक्योरिटी कवर सीधे तौर पर वापस नहीं किया गया है। इसके बजाय, SRCC खतरे की आशंका का आकलन करेगा और सही लेवल की सुरक्षा की सिफारिश करेगा, जिसके बाद संबंधित अधिकारी आगे की कार्रवाई करेंगे।

मलिक को पिछले साल सितंबर में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था और कोर्ट द्वारा उनकी हिरासत रद्द करने के बाद 28 अप्रैल, 2026 को रिहा कर दिया गया था। नए ऑर्डर पर प्रतिक्रिया देते हुए, मलिक ने कहा कि उनके पास बराबरी के बर्ताव के लिए न्यायपालिका से संपर्क करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।

📍 Location: Jammu (Jammu)

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