Last Updated: October 30, 2026

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JKAS अधिकारियों की दूसरी वेतन वृद्धि पर भी शर्त, परीक्षा पास करने के बाद ही मिलेगी

October 30, 2026

JKAS अधिकारियों की दूसरी वेतन वृद्धि पर भी शर्त, परीक्षा पास करने के बाद ही मिलेगी

J&K Introduces New Probation and Examination Rules : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने ‘संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा’ (Combined Competitive Examination) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) में भर्ती होने वाले अधिकारियों के प्रोबेशन और विभागीय परीक्षाओं के लिए एक संशोधित नियामक ढांचा अधिसूचित किया है।

इसमें सेवा योग्यता की मौजूदा शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 28 अक्टूबर 2026 की सरकारी अधिसूचना S.O. 278 के माध्यम से, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के प्रावधानों के तहत ‘जम्मू-कश्मीर संयुक्त प्रतियोगी सेवा (प्रोबेशन और परीक्षा) नियम, 2026’ जारी किए हैं। ये नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और ‘जम्मू-कश्मीर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा’ के जरिए जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के ‘जूनियर स्केल’ में नियुक्त उम्मीदवारों पर लागू होंगे। दो साल का प्रोबेशन अनिवार्य: नए ढांचे के तहत, सीधे भर्ती होने वाले JKAS अधिकारियों को दो साल की प्रोबेशन अवधि पूरी करनी होगी।

पहला वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पहले साल के पूरा होने के बाद मिलेगी। हालांकि, दूसरी वेतन वृद्धि तब तक रोकी जाएगी, जब तक कि अधिकारी अपनी निर्धारित प्रोबेशन अवधि पूरी नहीं कर लेता और विभागीय परीक्षा पास नहीं कर लेता। सेवा में स्थायी (कन्फर्म) होने के लिए निर्धारित परीक्षा पास करना भी अनिवार्य है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में, लिखित रूप में पर्याप्त कारण दर्ज करने के बाद सरकार इसमें छूट दे सकती है। सात पेपर, हर एक 100 अंकों का: इन संशोधित नियमों की एक मुख्य विशेषता सात पेपरों वाली व्यापक परीक्षा प्रणाली है। प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होगा, और पास होने के लिए उम्मीदवारों को हर पेपर में कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाने होंगे।

जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) साल में दो बार (जहां तक ​​संभव हो) परीक्षा आयोजित करेगा, जिसके लिए स्थान और तारीखें आयोग द्वारा तय की जाएंगी। लिखित परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को ‘बेयर एक्ट्स’ (मूल कानून), नियमों, विनियमों और मैनुअल को देखने की अनुमति होगी। हालांकि, इन संदर्भ सामग्रियों में केवल संबंधित कानूनी प्रावधान ही होने चाहिए, उन पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी या व्याख्या नहीं होनी चाहिए। तीन नियमित प्रयास और एक ‘मर्सी चांस’ (विशेष अवसर): अधिसूचना में प्रत्येक प्रोबेशनर को निर्धारित परीक्षा पास करने के लिए तीन नियमित अवसर और साथ ही एक अतिरिक्त ‘मर्सी चांस’ (विशेष अवसर) दिया गया है।

जो उम्मीदवार अपने नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं, वे छूटे हुए अवसर का लाभ उठाने के लिए सरकार से अनुमति मांग सकते हैं। परीक्षा के लिए आवेदन संबंधित प्रशासनिक विभाग के माध्यम से जमा किए जाएंगे, जबकि JKPSC परीक्षा की विस्तृत प्रक्रिया अलग से तय करेगा। सात प्रश्नपत्रों में प्रशासन, शासन और कानूनी ढांचा शामिल हैं: अधिसूचना के साथ संलग्न पाठ्यक्रम में लोक प्रशासन, जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय रूपरेखा, सेवा नियम, राजस्व प्रशासन, विकास कार्यक्रम, समाज कल्याण और कानूनी ढांचे से जुड़े कई विषय शामिल हैं।

सात प्रश्नपत्रों की संरचना इस प्रकार है :

प्रश्नपत्र I – प्रबंधन और लोक प्रशासन: इसमें प्रबंधन के सिद्धांत, संगठनात्मक व्यवहार, मानव संसाधन प्रबंधन, नेतृत्व, प्रदर्शन प्रबंधन, संचार, सरकारी योजनाएं और लोक प्रशासन शामिल हैं।

प्रश्नपत्र II – जम्मू-कश्मीर का व्यापक अवलोकन: इसमें भौगोलिक और जनसांख्यिकीय विशेषताएं, अर्थव्यवस्था, कृषि, बागवानी, पर्यटन, समाज, संस्कृति, भाषाएं, पारिस्थितिकी, पर्यावरणीय मुद्दे और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल हैं।

प्रश्नपत्र III – सेवा नियम और कार्यालय प्रक्रियाएं: इसमें सिविल सेवा नियम, आचरण नियम, अवकाश नियम, वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम, सूचना का अधिकार अधिनियम, सार्वजनिक सेवा वितरण, कार्यालय प्रक्रियाएं, ई-ऑफिस, SPARROW, ई-HRMS और डिजिटल गवर्नेंस शामिल हैं।

प्रश्नपत्र IV – राजस्व कानून और भूमि प्रशासन: इसमें संपत्ति और पंजीकरण कानून, भूमि राजस्व कानून, कृषि सुधार, भूमि अधिग्रहण, प्रवासियों की संपत्तियों की सुरक्षा, म्यूटेशन रिकॉर्ड, जमाबंदी, भूमि अनुदान और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड शामिल हैं।

प्रश्नपत्र V – सरकारी योजनाएं और विकास नीतियां: इसमें रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, पंचायती राज, नगर पालिका अधिनियम, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण विकास, औद्योगिक नीतियां, स्टार्टअप इंडिया और अन्य विकास पहल शामिल हैं।

प्रश्नपत्र VI – समाज कल्याण, मानवाधिकार और सामुदायिक सुरक्षा: इसमें आरक्षण के प्रावधान, महिला और बाल सुरक्षा कानून, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, पेंशन योजनाएं, छात्रवृत्तियां, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत और मानवाधिकार कानून शामिल हैं।

प्रश्नपत्र VII – शासन और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए कानूनी और नियामक ढांचा: इसमें भारत का संविधान, जम्मू…

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