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सर्दियों से पहले राशन का पर्याप्त स्टॉक जमा करने के निर्देश

J&K Speeds Up Winter Foodgrain Stocking : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सर्दियों के दौरान खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग के कमिश्नर सेक्रेटरी सौरभ भगत ने अधिकारियों को खराब मौसम शुरू होने से पहले राशन का उठाव और वितरण पूरा करने तथा सर्दियों के लिए तीन और छह महीने का पर्याप्त स्टॉक जमा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही PDS के तहत CBDC परियोजना को 15 नवंबर से जम्मू और श्रीनगर में पायलट आधार पर शुरू किया जाएगा।

 

बैठक में FCS&CA जम्मू के महानिदेशक राजेश कुमार शवन, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के महाप्रबंधक, IT निदेशक संजय गुप्ता, और सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर व असिस्टेंट डायरेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए शामिल हुए। FCS&CA जम्मू के महानिदेशक और संबंधित जिलों के असिस्टेंट डायरेक्टरों ने विभागीय गतिविधियों की मौजूदा स्थिति पर बिंदुवार प्रेजेंटेशन दिया। इसमें खाद्यान्न उठाना और वितरण करना, सर्दियों के लिए 6 महीने और 3 महीने की जरूरत के हिसाब से स्टॉक जमा करना, आधार-आधारित ई-KYC, फेस ऑथेंटिकेशन, CBDC लागू करना और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे।

चर्चा के दौरान, कमिश्नर सेक्रेटरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि खराब मौसम शुरू होने से पहले ही खाद्यान्न का उठाव और वितरण तेजी से पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सर्दियों के आने और खराब मौसम के कारण काम में रुकावट आने की संभावना को देखते हुए यह निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सर्दियों के लिए 6 महीने और 3 महीने का स्टॉक जमा करने का काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने FCI अधिकारियों से कहा कि वे विभाग को अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित करें। पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति की समीक्षा करते हुए, कमिश्नर सेक्रेटरी ने संबंधित जिला प्रशासनों को निर्देश दिया कि वे ऐसे दूर-दराज के इलाकों की पहचान करें जहां अभी पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है।

उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे विभाग के अपने पेट्रोल आउटलेट खोले जा सकें। इससे आम जनता को, खासकर आपातकालीन स्थितियों में, काफी मदद मिलेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) प्रोजेक्ट को लागू करने की समीक्षा करते हुए, कमिश्नर सेक्रेटरी ने सभी संबंधित पक्षों से मिलकर काम करने पर जोर दिया, ताकि भारत सरकार द्वारा तय समय-सीमा के भीतर इसे लागू किया जा सके। यह जानकारी दी गई कि इस प्रोजेक्ट को 15 नवंबर 2026 से जम्मू और श्रीनगर जिलों में पायलट आधार पर लागू किया जाएगा। इसके बाद 30 नवंबर 2026 तक इसे सांबा, कठुआ और उधमपुर जिलों में, और 31 नवंबर 2026 के बाद पूरे केंद्र शासित प्रदेश में लागू किया जाएगा।

सौरभ भगत ने जिला प्रशासन और सहायक निदेशकों को निर्देश दिया कि वे जरूरी तैयारी, लाभार्थियों के डेटा को तैयार करने और लागू करने से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को समय से पहले पूरा कर लें। उन्होंने NIC और PNB अधिकारियों से कहा कि वे लाभार्थियों के डेटा के सत्यापन (validation) और व्हाइटलिस्टिंग की प्रक्रिया में तेजी लाएं। साथ ही, फेयर प्राइस शॉप (FPS) डीलरों के लिए लॉगिन ID बनाएं, ताकि प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर शुरू किया जा सके। उन्होंने PNB अधिकारियों से कहा कि वे जम्मू जिले के लिए एक विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करें।

कमिश्नर सेक्रेटरी ने NFSA लाभार्थियों के आधार-आधारित e-KYC की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि जिन लाभार्थियों का e-KYC अभी तक नहीं हुआ है, उनका e-KYC पूरा करने के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। उन्होंने फेयर प्राइस शॉप्स पर पारदर्शिता बढ़ाने और सत्यापन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए, इसी महीने के वितरण चक्र से ‘फेस ऑथेंटिकेशन एप्लिकेशन’ (चेहरे से पहचान करने वाला ऐप) लागू करने पर जोर दिया। सौरभ भगत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी जिलों में विशेष e-KYC कैंप लगाएं और यह सुनिश्चित करें कि सभी लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो जाए।

उन्होंने कहा कि जिन जिलों में 95% या उससे अधिक लाभार्थियों का e-KYC पूरा हो जाएगा, उन्हें विशेष रूप से सराहा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रगति से विभाग को भारत सरकार के सामने ‘सार्थक PDS’ प्रोजेक्ट के तहत नवाचारों (innovations) के लिए अतिरिक्त फंड और सहायता मांगने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लाभार्थियों का सही और उचित सत्यापन किया जाना चाहिए, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। प्रवासी राशन कार्ड धारकों के e-KYC की स्थिति की भी समीक्षा की गई और लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।

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