JKAS Association Calls One-Day Pen-Down Strike : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर जूनियर स्केल KAS एसोसिएशन (AJJSKA) ने 14 अक्टूबर को एक आधिकारिक समीक्षा बैठक के दौरान JKAS अधिकारी बीनीश वानी के साथ कथित बदसलूकी और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के विरोध में एक दिन की पेन-डाउन हड़ताल करने का फैसला किया है।
मामला वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन से जुड़े एक कथित वीडियो के सामने आने के बाद चर्चा में आया। एसोसिएशन ने घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच, प्रभावित अधिकारी के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं होने की गारंटी तथा आरोप सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, एसोसिएशन ने संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए प्रशासन से कार्यस्थल पर अधिकारियों की गरिमा और सम्मान सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
यह फैसला श्रीनगर के सिविल सचिवालय में हुई एक वर्चुअल विभागीय समीक्षा बैठक के कथित वीडियो के सामने आने के बाद लिया गया है, जिसमें वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन ने 2015 बैच की JKAS अधिकारी बीनीश वानी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। बीनीश वानी वर्तमान में गांदरबल के ‘रोजगार एवं परामर्श केंद्र’ (Employment and Counselling Centre) में सहायक निदेशक के पद पर तैनात हैं। रंजन फिलहाल श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव हैं। GNS के अनुसार, एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को भेजे एक संदेश में कहा है कि यह विरोध प्रदर्शन सेवा की गरिमा, आत्म-सम्मान और संस्थागत सम्मान को बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
एसोसिएशन ने अधिकारियों से एकजुट रहने की अपील की है और कहा है कि किसी एक अधिकारी की गरिमा पर हमला पूरी बिरादरी पर हमला है। एसोसिएशन का कहना है कि प्रशासन में जवाबदेही और कामकाज की निगरानी जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल, डराना-धमकाना या ऐसा कोई भी व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता जो किसी सरकारी अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाए। खबरों के मुताबिक, यह घटना ‘मिशन युवा’ (Mission YUVA) से जुड़ी एक समीक्षा बैठक के दौरान हुई, जिसमें ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (NRLM) की भूमिका पर चर्चा हो रही थी।
जब वानी अपने कार्यालय के कामकाज और लक्ष्यों के बारे में जानकारी दे रही थीं, तब रंजन ने चल रहे काम में NRLM की भूमिका पर सवाल उठाया। जब वानी ने यह समझाने की कोशिश की कि इस मिशन का इस्तेमाल एक सहयोगी एजेंसी के रूप में किया जा रहा है, तो मामला और बढ़ गया। वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर दिख रहा है कि रंजन अधिकारी की बात बीच में ही काटते हैं, ‘अपमानजनक भाषा’ का इस्तेमाल करते हैं और अपने वरिष्ठ होने का रौब दिखाते हैं। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने एक अधीनस्थ कर्मचारी को निलंबन आदेश तैयार करने और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के जरिए कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया।
वानी ने अपने खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई और अपनी बात रखने का मौका देने की मांग की। JKAS बिरादरी ने अपने बयान में कथित तौर पर की गई अभद्र भाषा और व्यक्तिगत अपमान की निंदा की है। उन्होंने 14 अक्टूबर की घटना और उसके बाद वायरल वीडियो को लेकर विभाग द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बिरादरी ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू और सामान्य प्रशासन विभाग से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रभावित अधिकारी के खिलाफ कोई बदले की कार्रवाई न हो और कार्यस्थल पर डराने-धमकाने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय किए जाएं। उन्होंने संबंधित वरिष्ठ अधिकारी से सार्वजनिक माफी की मांग की है और कहा है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो उनके खिलाफ कदाचार के लिए उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने विभाग के उस दावे को चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि वीडियो फुटेज बनावटी या फर्जी है। उनका कहना है कि खुद अधिकारी और बैठक में मौजूद अन्य लोग इस घटना की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया है कि वीडियो की असलियत का पता लगाने के लिए सार्वजनिक दावों के बजाय एक पारदर्शी और स्वतंत्र तकनीकी जांच होनी चाहिए।

