Kashmir Police Arrest 1,941 in Anti-Drug Crackdown : श्रीनगर। कश्मीर में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने इस साल व्यापक अभियान चलाते हुए 1,500 से अधिक मामले दर्ज किए हैं और 1,941 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 1,711 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त करने के साथ कथित ड्रग तस्करों की 154 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की है। कश्मीर जोन के आईजीपी सुजीत कुमार सिंह ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे चुप न रहें और पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परिवार मदद के लिए किसी भी पुलिस स्टेशन जा सकते हैं, जिसके बाद पुलिस नशा मुक्ति केंद्रों के जरिए उनके इलाज और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) में मदद करेगी। IGP ने कश्मीर में साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने बताया कि इस साल 12,385 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 54 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी शामिल है।
पुलिस ने लगभग 7.48 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी रकम का पता लगाने और उसे वापस पाने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में 93 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से सात मामले ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले खाते) से जुड़े हैं। उन्होंने युवाओं को चेतावनी दी कि वे अनजाने में भी किसी संगठित वित्तीय धोखाधड़ी का हिस्सा न बनें। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे संदिग्ध लेन-देन के लिए किसी दूसरे व्यक्ति को अपना बैंक खाता, मोबाइल नंबर या अपनी पहचान न दें।
सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए, कुमार ने युवाओं द्वारा की जा रही लापरवाही से ड्राइविंग, खतरनाक तरीके से बाइक चलाने, एक बाइक पर तीन लोगों के बैठने, साइलेंसर में बदलाव (मॉडिफाइड साइलेंसर) और तेज रफ्तार में स्टंट करने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन को रोकने और दुर्घटनाओं से बचने के लिए दिन और रात, दोनों समय ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे ऐसी गतिविधियों को छोड़ दें जिनसे उनकी अपनी और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान को खतरा हो।
साथ ही, उन्होंने पैदल चलने वालों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का सम्मान करने को कहा, जो अनावश्यक शोर और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। IGP ने युवाओं से सोशल मीडिया का इस्तेमाल सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने को कहा। उन्होंने युवाओं को ऐसे वीडियो और रील बनाने के लिए प्रोत्साहित किया, जो दूसरों को नशीले पदार्थों की लत छोड़ने, स्टंट बाइकिंग से बचने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पुलिस युवाओं की रचनात्मक और सकारात्मक पहलों का समर्थन करेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल खतरनाक गतिविधियों को बढ़ावा देने के बजाय समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए किया जाना चाहिए। कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि नशीले पदार्थों की लत, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की जरूरत है। इसमें परिवारों, बुजुर्गों, युवाओं और नागरिक समाज को कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

