Kashmir Scientist Makes Stanford-Linked Top 2% List : श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय के स्तन कैंसर शोधकर्ता डॉ. मंजूर अहमद मीर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। उन्हें स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़ी दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में लगातार चौथे वर्ष शामिल किया गया है। कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान को मिली यह मान्यता उनके शोध कार्यों की वैश्विक पहचान को दर्शाती है।
इनमें एक संचयी पत्रिका प्रभाव कारक 750 से अधिक, 40 का एच-इंडेक्स और 118 का आई10-इंडेक्स है। उनके प्रकाशनों को पिछले पांच वर्षों में 4,900 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं। अपने शोध कार्य के साथ-साथ, उन्होंने 22 पुस्तकें और 85 पुस्तक अध्याय लिखे हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित हैं, जिनमें एल्सेवियर, टेलर एंड फ्रांसिस और स्प्रिंगर नेचर शामिल हैं। उन्होंने SWAYAM प्लेटफॉर्म के लिए इम्यूनोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, ह्यूमन जेनेटिक्स और ह्यूमन पॉपुलेशन जेनेटिक्स को कवर करने वाले चार ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी विकसित किए हैं, जो कथित तौर पर सात वर्षों में दुनिया भर में 20,000 से अधिक छात्रों तक पहुंचे हैं।
डॉ. मीर ने स्वर्ण पदक के साथ जीवन विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ के माध्यम से अपनी पीएचडी पूरी की उन्हें मिले अवॉर्ड्स में कश्मीर एक्सपो-2022 में जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर से मिला बेस्ट कैंसर रिसर्चर अवॉर्ड और 2019 में साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड से मिला टीचर एसोसिएटशिप रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड शामिल है। 2026 में, उन्हें नई दिल्ली में सातवें कैंसर समिट अवॉर्ड्स में ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस एंड केयर एक्सीलेंस अवॉर्ड मिला। रिलीज़ में कहा गया है कि डॉ. मीर ने छह बाहरी फंडेड रिसर्च प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं और अभी डिपार्टमेंट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के तहत अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन से सपोर्टेड दो प्रोजेक्ट्स को लीड कर रहे हैं।
उन्होंने आठ PhD स्कॉलर्स को गाइड किया है, जबकि पांच डॉक्टोरल रिसर्चर अभी उनकी देखरेख में काम कर रहे हैं। उन्होंने 60 मास्टर स्टूडेंट्स को उनके रिसर्च डिसर्टेशन के ज़रिए गाइड भी किया है और साइंस आउटरीच प्रोग्राम्स, एकेडमिक कॉन्फ्रेंस और रिसर्च ट्रेनिंग में योगदान दिया है। डॉ. मीर ने पहले 2019 से 2025 तक डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोरिसोर्स के कोऑर्डिनेटर और हेड के तौर पर काम किया था और कुपवाड़ा यूनिवर्सिटी कैंपस के पहले नोडल ऑफिसर और कोऑर्डिनेटर थे। वह अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च और अमेरिकन सोसाइटी ऑफ़ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी समेत कई इंटरनेशनल साइंटिफिक ऑर्गनाइज़ेशन्स से भी जुड़े हैं।
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