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आपकी हर गतिविधि पर हमारी नजर; कश्मीरी पंडित परिवारों को फिर धमकी

जम्मू/श्रीनगर : कश्मीरी पंडित परिवारों को निशाना बनाकर एक नया धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पत्र में कई कश्मीरी पंडितों के नाम और उनके निजी विवरण का उल्लेख किया गया है तथा घाटी में विस्थापित परिवारों की वापसी और पुनर्वास से जुड़े लोगों को गंभीर चेतावनी दी गई है। सुरक्षा एजैंसियां पत्र की प्रामाणिकता और इसे जारी करने वालों की पहचान की जांच कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार यह करीब दो सप्ताह के भीतर सामने आया दूसरा धमकी पत्र है।

पहले पत्र में कश्मीर घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को चेतावनी दी गई थी। नए पत्र में जम्मू के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लगभग आधा दर्जन कश्मीरी पंडितों की पहचान और आवासीय जानकारी का उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक एक मामले में वाहन से संबंधित जानकारी भी शामिल है। सुरक्षा कारणों से इन व्यक्तियों के नाम, पते और अन्य निजी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

सुरक्षा एजैंसियां कर रही हैं जांच :-

सुरक्षा एजैंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी पत्र वास्तव में किस संगठन या नैटवर्क की ओर से जारी किया गया है। पत्र में ‘यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल’ का नाम सामने आया है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह संगठन कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक फ्रंट हो सकता है, हालांकि पत्र की वास्तविकता और इसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां पत्र के डिजिटल स्रोत, इसे प्रसारित करने वाले नैटवर्क और इसमें निजी जानकारियां कैसे पहुंचीं, इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।

अधिकारियों के लिए यह तथ्य विशेष रूप से चिंता का विषय है कि सामान्य धमकी के बजाय कुछ लोगों की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने की कोशिश की गई है। पहले भी सामने आई थी धमकी इससे पहले अगस्त में एक अन्य कथित धमकी पत्र में कश्मीर घाटी में काम कर रहे 6 कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर जारी किए गए थे। पत्र में उनके परिवारों और ठिकानों की जानकारी होने का दावा भी किया गया था। इसके बाद कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने तथा कुछ कर्मचारियों को अस्थायी रूप से घर से काम करने की सलाह दिए जाने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि अलग-अलग विभागों की ओर से औपचारिक आदेश को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए।

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