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कठुआ : एचएमपीवी से निपटने के लिए जीएमसी ने कसी कमर, तैयार किए 50 आइसोलेशन बेड

कठुआ। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ ने एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है और ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट की जांच भी की जा रही है। गुरुवार को इस संबंध में जीएमसी कठुआ में एक मॉक ड्रिल की गई। देशभर में एचएमपीवी संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि अगर किसी को भी शुरुआत में खांसी, बुखार जैसे लक्षण महसूस हों या परिवार के किसी सदस्य में दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र अत्री ने बताया कि अस्पताल में 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह से तैयार है, जिसमें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर में अब तक एचएमपीवी का कोई मामला सामने नहीं आया है। डॉ. अत्री ने यह भी बताया कि अगले तीन से चार दिनों में इस वायरस की जांच प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने अन्य जिलों में भी तैयारियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं और जीएमसी प्रशासन ने ऑक्सीजन सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए आदेश दे दिए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि हमारे अस्पताल की जो ऑक्सीजन सप्लाई कैपिसिटी है, जो प्रति मिनट 4550 लीटर है। फिलहाल, हमारे पास 6 ऑक्सीजन प्लांट्स हैं, जिनमें से 5 पूरी तरह से कार्यशील हैं, जबकि एक प्लांट का मेंटेनेंस चल रहा है। अगर अचानक किसी मरीज को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है, तो हम इस सुविधा का तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं। पहले भी हमारे पास ऐसी क्षमता थी और हमने हमेशा तैयार रहने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं। फिलहाल, कोरोना वायरस या किसी नए वेरिएंट को लेकर ज्यादा डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह वायरस पहले भी था और इससे कोई खतरा नहीं है।

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