जम्मू कश्मीर डेस्कः कटड़ा में माता वैष्णो देवी मंदिर यात्रा मार्ग पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विरोध में संघर्ष समिति ने बुधवार को कटड़ा बंद का आह्वान किया है। समिति ने व्यापारियों, घोड़ा चालकों, पिट्ठू और पालकी संचालकों से बंद को सफल बनाने की अपील की है। हालांकि होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
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श्राइन बोर्ड द्वारा दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर ताराकोट से सांझी छत तक रोपवे निर्माण का कार्य किया जा रहा है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस परियोजना से यात्रा मार्ग पर सेवाएं दे रहे घोड़ा चालक, पिट्ठू, पालकी संचालक और छोटे व्यापारी प्रभावित होंगे।
यात्रा मार्ग पर निजी दुकानें रहेंगी बंद
मंगलवार को हुई संघर्ष समिति की बैठक के बाद पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से कटड़ा बंद करने का निर्णय लिया। भवन मार्ग पर बाणगंगा से मिल्क बार क्षेत्र तक स्थित सभी निजी दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही घोड़ा, पिट्ठू और पालकी संचालकों से भी बंद में शामिल होने की अपील की गई है। समिति का कहना है कि यह कदम स्थानीय लोगों की आजीविका और हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
हजारों परिवारों की आजीविका पर असर का दावा
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि ताराकोट–सांझी छत रोपवे परियोजना लागू होने से हजारों स्थानीय परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी। वर्षों से यात्रा मार्ग पर सेवाएं दे रहे घोड़ा चालक, पिट्ठू, पालकी संचालक और छोटे व्यापारी इस परियोजना से सबसे अधिक प्रभावित होंगे। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उपराज्यपाल द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए समिति ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय हितों की रक्षा के लिए है। गौरतलब है कि कटड़ा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बंद के चलते यात्रा व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
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