जम्मू्: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के तहत परियोजनाओं के प्रभावी और कुशल कार्यान्वयन के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलों ‘किसान संपर्कअभियान’, ‘दक्ष किसान’ (किसानों का कौशल) और ‘किसान साथी’ (किसानों के लिए सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए आईटी डैशबोर्ड) की शुरु आत की। उपराज्यपाल ने कहा कि किसानों के उन्मुखीकरण पर ध्यान केंद्रित करने वाली पीआरआई की मदद से 4 महीने तक चलने वाला किसान संपर्कअभियान, सभी हस्तक्षेपों के लिए कौशल पाठ्यक्रम, यह सुनिश्चित करेगा कि सावधानीपूर्वक योजना खेतों तक पहुंचे और हमारे किसानों को नई चुनौतियों का सामना करने, नई संभावनाओं को पता लगाने और खेती को सुलभ और लाभदायक बनाना के लिए तैयार करे।
उन्होंने कहा कि सभी 20 जिलों में अप्रैल से अगस्त 2023 के बीच 10,695 प्रशिक्षण सत्र पूरे कृषक समुदाय को एक साथ लाएंगे और सामूहिक संकल्प से न केवल योजना को अभूतपूर्व सफलता मिलेगी बल्कियुवा किसानों को एक नई दिशा भी मिलेगी। उपराज्यपाल ने कहा, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के तीन महत्वपूर्ण आयाम हैं, आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश और पर्यावरण संरक्षण और यह अभियान किसानों की प्रगति और स्थायी समृद्धि के लिए इन पर विशेष ध्यान देगा। इससे पूर्व, समग्र कृषि विकास योजना के तहत 29 परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अधिकारियों का यूटी-स्तरीय प्रशिक्षण और उन्मुखीकरण कार्यक्र म चरण-1 के दौरान आयोजित किया गया। उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें उत्पादक संसाधनों, वित्तीय, तकनीकी सहायता और विस्तार सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करने के लिए यूटी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को सशक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और उच्च मूल्य वाली फसलों के विविधीकरण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उपराज्यपाल ने समग्र कृषि विकास योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों को एक साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूटी प्रशासन, पीआरआई, प्रगतिशील किसानों, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ और अन्य हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयास कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर जम्मू कश्मीर के लक्ष्य को साकार करने के प्रयासों का केंद्रीय स्तंभ होंगे। उपराज्यपाल ने बैंकिंग संस्थानों और सरकारी विभागों से किसानों को वित्तीय सहायता में अंतर को पाटने के लिए कहा।
उपराज्यपाल ने कृषि में निवेश को आकर्षित करने, ग्रामीण-शहरी बाजार नैटवर्क विकसित करने और छोटे किसानों को मूल्य श्रृंखला में बड़ी भूमिका निभाने में सक्षम बनाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। वहीं सांसद जुगल किशोर शर्मा तथा राज्य सभा सदस्य गुलाम अली खटाना, भारत भूषण, डीडीसी अध्यक्ष जम्मू ने भी इस अवसर पर बात की और पिछले कुछ वर्षों में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में जम्मू कश्मीर में दर्ज की गई वृद्धि पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर लाभार्थी किसानों के बीच जम्मू-कश्मीर बैंक किसान कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य सचिव डा.अरु ण कुमार मेहता, कृषि उत्पादन विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू, स्कास्ट कश्मीर के उपकुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई, पंचायत सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...