जम्मू: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज बालटाल बेस कैंप में ग्रामीण स्वच्छता निदेशालय के शुभम-शिवम अभियान का शुभारंभ किया। उपराज्यपाल ने कहा कि यह अभियान टिकाऊ, स्वच्छ और शून्य-लैंडफिल श्री अमरनाथ जी यात्रा को प्राप्त करने के लिए एक बड़ा कदम है। कई पर्यावरण-नवाचारों के साथ, उपराज्यपाल ने नई वेबसाइट, तीर्थ गान, लोगो और शुभंकर का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि इस पहल की सच्ची रीढ़ हमारी अविश्वसनीय स्वच्छता टीम है। मैं कर्मयोगी स्वयंसेवकों का आभारी हूं, जिनके अथक समर्पण से आने वाले दिनों में बेस कैंप और दोनों ट्रैक साफ रहेंगे।
उपराज्यपाल ने कहा, वे हमारे शून्य-अपशिष्ट दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने, पर्यावरण और श्री अमरनाथ जी तीर्थयात्रा की गहन आध्यात्मिक गरिमा को संरिक्षत करने वाले वास्तविक नायक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण स्वच्छता निदेशालय की सभी नवीन पहल समर्पण और अनुशासन पर टिकी हैं, और उन्हें प्रत्येक हितधारक द्वारा कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी से पूरा किया जाना चाहिए। उपराज्यपाल ने कहा कि शुभम्-शिवम का दृष्टिकोण इस यात्रा पर प्रत्येक तीर्थयात्री, प्रत्येक लंगर और प्रत्येक सेवा प्रदाता को एक स्पष्ट संदेश भेजता है कि पारिस्थितिकी और उसके सभी प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक पवित्र कर्तव्य है।
स्वच्छ, टिकाऊ, शून्य लैंडफिल श्री अमरनाथ जी यात्रा एक दृढ़ घोषणा है कि सबसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, स्वच्छता सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सर्कुलर इकोनॉमी की पहल भी बेहद सराहनीय है। स्वाहा बर्तन बैंक, जहां एक छोटी सी सुरक्षा जमा राशि के बदले स्टील प्लेट और कप का उपयोग किया जाता है, प्रत्येक तीर्थयात्री को बताता है कि सुविधा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकती है। अमरनाथ सेवा कैफे कचरा संग्रहण को सेवा और भागीदारी के कार्य में बदल देता है।
चाय और नाश्ते के लिए एकत्रित प्लास्टिक का आदान-प्रदान न केवल एक लेनदेन है, बल्कि यह संकेत देता है कि बाबा बर्फानी के प्रति सच्ची भक्ति तीर्थयात्रा को स्वच्छ रखने में सिक्र य भागीदारी के माध्यम से प्रकट होती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत नींव रखने के लिए 4 तरह से पृथक्करण, एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और प्रत्येक लंगर और शिविर के लिए निर्धारित स्वच्छता मानकों सहित नियामक ढांचे की भी घोषणा की।

