श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने सोमवार को उमर अब्दुल्ला की सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने लगभग दो साल के कार्यकाल में अपने वादे पूरे करने और लोगों को बेसिक सुविधाएं देने में फेल रही है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के ऑटम सेशन के पहले दिन रिपोर्टरों से बात करते हुए, शर्मा ने न्यूज एजेंसी—कश्मीर न्यूज ऑब्जर्वर (KNO) के मुताबिक कहा कि लोगों को सरकार से बहुत उम्मीदें थीं, खासकर उन लोगों को जो सालों से अपनी शिकायतों के समाधान का इंतजार कर रहे थे। शर्मा ने कहा, “दो साल बाद भी, इस सरकार और इसके हेड की तरफ से बस यही बयान आ रहा है कि उनके पास पावर नहीं है और वे कुछ नहीं कर सकते।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी बेसिक सुविधाएं देने में फेल रही है, उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में बिजली की सप्लाई कम होने के बावजूद बिजली के टैरिफ बढ़ा दिए गए हैं, जबकि पानी की सप्लाई की दिक्कतें भी बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “गवर्नेंस हर फ्रंट पर फेल हो गई है। करप्शन फैला हुआ है,” उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों पर करप्ट कामों में शामिल होने का आरोप लगाया।
शर्मा ने कहा कि BJP असेंबली सेशन के दौरान J&K में नौकरी के इच्छुक लोगों की उम्र में छूट की मांग के अलावा, दिहाड़ी मजदूरों, NHM कर्मचारियों, ASHA और आंगनवाड़ी वर्करों से जुड़े मुद्दे उठाएगी। उन्होंने SCOT बैंक और कोऑपरेटिव सिटीजन बैंक से जुड़े करीब 70,000 डिपॉजिटर्स का मुद्दा भी उठाया, और कहा कि वे अभी भी पेमेंट का इंतजार कर रहे हैं, जबकि पहले वादा किया गया था कि उनका बकाया दो महीने के अंदर दे दिया जाएगा।
शर्मा ने बेरोजगारी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा वादा किए गए एक लाख नौकरियों का जिक्र करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि सबसे बड़ा धोखा युवाओं के साथ हुआ है। उन्होंने आउटसोर्सिंग प्रोसेस में गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया, और दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के वर्करों और उनके रिश्तेदारों को पैसे के बदले नौकरी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि BJP को आउटसोर्सिंग से कोई एतराज नहीं है, लेकिन यह प्रोसेस तय क्राइटेरिया के आधार पर एक ट्रांसपेरेंट रिक्रूटमेंट सिस्टम के जरिए किया जाना चाहिए। करीब 25,000 नौकरियों का ज़िक्र करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि ये पद पहले ही भर दिए गए हैं और दावा किया कि सरकार ने यह कहकर असेंबली को गुमराह किया है कि ये नियुक्तियां खाली सीटों पर की गई हैं।
राज्य के दर्जे के मुद्दे पर शर्मा ने कहा कि अगर हर मुद्दे के लिए राज्य का दर्जा न होने को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो मौजूदा एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम को खत्म कर देना चाहिए और सरकार को राज्य का दर्जा वापस मिलने का इंतज़ार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “BJP असेंबली में लोगों की आवाज़ उठाएगी और उनकी चिंताओं को नज़रअंदाज़ नहीं होने देगी।”
जल जीवन मिशन (JJM) रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा कि BJP अपनी डिटेल्ड स्थिति पेश करने से पहले इसकी स्टडी करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि JJM की कई स्कीमें बंद हो रही हैं और दावा किया कि रिपोर्ट में “बड़ी कमियां” हैं। शर्मा ने कहा कि JJM रिपोर्ट हाउस में पेश की जानी थी और सेशन के पहले दिन इसे चर्चा का मुख्य मुद्दा नहीं बनना चाहिए था।
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मेष: दिन शुभ रहेगा...