Last Updated: October 30, 2026

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गंदेरबल में 350 से ज्यादा मवेशियों में लम्पी स्किन डिजीज की आशंका, करीब 20 मौतों का दावा

September 3, 2026

गंदेरबल में 350 से ज्यादा मवेशियों में लम्पी स्किन डिजीज की आशंका, करीब 20 मौतों का दावा

गंदेरबल: मध्य कश्मीर के गंदेरबल जिले के शल्लाबुघ इलाके में बड़ी संख्या में मवेशियों के लम्पी स्किन डिजीज (LSD) से प्रभावित होने की खबर सामने आने के बाद पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में 350 से ज्यादा मवेशी इस बीमारी से प्रभावित होने की आशंका है और करीब 20 मवेशियों की मौत होने का दावा किया गया है।

हालांकि, प्रभावित मवेशियों और मौतों से जुड़े इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

पशुपालकों में बढ़ी चिंता

शल्लाबुघ निवासी बिलाल अहमद ने बताया कि इलाके के कई हिस्सों में 350 से ज्यादा मवेशियों में बीमारी के लक्षण बताए जा रहे हैं। उन्होंने करीब 20 मवेशियों की मौत का भी दावा किया। लम्पी स्किन डिजीज को लेकर स्थानीय पशुपालकों में चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि कश्मीर में पहले भी इस बीमारी के मामले सामने आ चुके हैं। लोगों को डर है कि अगर समय रहते बीमारी की पहचान और रोकथाम नहीं की गई, तो इसका असर और ज्यादा मवेशियों पर पड़ सकता है।

वैक्सीनेशन के बावजूद बीमारी की आशंका

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछली बार लम्पी स्किन डिजीज फैलने के दौरान मवेशियों का टीकाकरण कराया गया था। इसके बावजूद दोबारा बीमारी के मामले सामने आने की खबर से पशुपालकों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन और पशुपालन विभाग से प्रभावित इलाकों में बीमारी की सही स्थिति का पता लगाने, मवेशियों की जांच करने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

पशु चिकित्सकों की टीमें मौके पर भेजी गईं

मामले की जानकारी मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने शल्लाबुघ और आसपास के प्रभावित इलाकों में पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं। इन टीमों का काम रिपोर्ट किए गए मामलों की जांच करना, मवेशियों में बीमारी के लक्षणों की पुष्टि करना और उनकी स्थिति का आकलन करना है। टीमों द्वारा कथित मौतों की भी जांच की जाएगी।

जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कितने मवेशी वास्तव में लम्पी स्किन डिजीज से प्रभावित हैं और बीमारी की स्थिति कितनी गंभीर है। इसके आधार पर प्रशासन और पशुपालन विभाग आगे की रोकथाम और उपचार संबंधी कार्रवाई करेगा। फिलहाल पशुपालकों की नजर पशु चिकित्सकों की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदमों पर है।

📍 Location: Ganderbal (Srinagar)

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