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माता वैष्णो देवी जा रहे भक्तों के लिए अच्छी खबर! इन श्रद्धालुओं को मिली ये विशेष सुविधाएं

Maa Vaishno Devi Yatra : शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां वैष्णो देवी की यात्रा में जबरदस्त श्रद्धा और उत्साह देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर स्थित त्रिकुटा पर्वत पर स्थित पवित्र गुफा की ओर रुख कर रहे हैं। मां के भक्त भवन परिसर की भव्य सजावट और अलौकिक वातावरण में पूरी श्रद्धा से लीन नजर आ रहे हैं। कटड़ा स्थित आधार शिविर से लेकर भवन तक मार्ग को सुंदर तरीके से सजाया गया है। बता दें कि जगह-जगह आकर्षक लाइटिंग, धार्मिक धुनों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु अपना पंजीकरण करवा कर आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करते ही मां के जयकारों के साथ यात्रा पर निकल पड़ते हैं।

यात्रा के दौरान “जय माता दी” के गगनभेदी नारों के बीच श्रद्धालु एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। भक्ति संगीत और माता के भजनों की गूंज चारों ओर सुनाई दे रही है। पूरा मार्ग श्रद्धा और आस्था की गहराई में डूबा नजर आता है। इस वर्ष यात्रा में अपेक्षाकृत कम भीड़ देखी जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को न तो लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है और न ही किसी असुविधा का। यात्रा मार्ग पर सभी जरूरी सुविधाएं जैसे हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार, रोपवे (केबल कार), घोड़ा, पिट्ठू और पालकी इत्यादि आसानी से उपलब्ध हैं।

दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने दिव्यांग श्रद्धालुओं की यात्रा को सहज और यादगार बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। उनके लिए बैटरी कार सेवा और घोड़ा सेवा नि:शुल्क प्रदान की जा रही है, जिससे वे बिना किसी कठिनाई के माता के दरबार तक पहुंच पा रहे हैं और दिव्य दर्शन का लाभ उठा रहे हैं।

तीर्थ स्थलों पर बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

भवन परिसर के अलावा अर्धकुंवारी मंदिर और भैरव घाटी में भी श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। गर्भ जून गुफा के दर्शन के साथ-साथ भक्त भैरव बाबा के चरणों में भी शीश नवाकर अपनी यात्रा पूर्ण कर रहे हैं।

मौसम भी बना सहायक

बुधवार को मौसम पूरी तरह साफ रहा, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। सुहावने मौसम के बीच माता के दर्शनों का आनंद और भी बढ़ गया।

तीनों नवरात्रों में ऐसा रहा आंकड़ा

22 सितंबर (पहला नवरात्र): लगभग 13,600 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी लगाई।
23 सितंबर (दूसरा नवरात्र): लगभग 12,589 श्रद्धालु पहुंचे।
24 सितंबर (बुधवार): शाम 5 बजे तक करीब 10,500 श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।

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