ड्रग कंट्रोल विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 मेडिकल स्टोर सस्पेंड

Major action: 3 medical stores suspended : श्रीनगर। दवाओं की अवैध बिक्री और नियमों के उल्लंघन पर शिकंजा कसते हुए ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट अनंतनाग ने जिलेभर में ताबड़तोड़ निरीक्षण अभियान चलाया। विभाग की टीमों ने 14 से अधिक मेडिकल दुकानों की अचानक जांच की, जहां खरीद-बिक्री और खासकर लत लगने वाली दवाओं के रिकॉर्ड में खामियां मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर का कामकाज सस्पेंड कर दिया गया। इसके अलावा गुणवत्ता जांच के लिए दवाओं के पांच सैंपल भी लिए गए हैं।
उन्होंने खासकर उन दवाओं पर ध्यान दिया जिनकी लत लग सकती है और जिनके लिए कड़े नियम हैं। कार्रवाई के तहत, बटेनगूप में स्थित मुश्ताक मेडिकल स्टोर और ज़ाहिद अमीन मेडिकल स्टोर का कामकाज मौके पर ही सस्पेंड कर दिया गया, क्योंकि अधिकारियों को लत लगने वाली दवाओं के रिकॉर्ड रखने में गड़बड़ी मिली। एक और कार्रवाई में, ट्रैहपू, अचाबल में अमरीन फार्मा का कामकाज भी निरीक्षण के दौरान नियमों के उल्लंघन का पता चलने के बाद बंद/सस्पेंड कर दिया।
विभाग ने रिकॉर्ड रखने और कागज़ात में कमियां मिलने के बाद इन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। विभाग ने ज़ोर देकर कहा कि लागू दवा नियंत्रण नियमों के तहत लत लगने वाली दवाओं से जुड़े रिकॉर्ड को सही ढंग से रखना ज़रूरी है। इस बीच, क्वालिटी कंट्रोल के एक अलग कदम के तौर पर, अधिकारियों ने कोऑपरेटिव फेयर प्राइस, मट्टन से अलग-अलग तरह की दवाओं के पांच सैंपल लिए। इन सैंपलों को उनकी क्वालिटी और तय मानकों के अनुसार होने की जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
यह निरीक्षण अभियान अनंतनाग ज़िले में दवा के कारोबार में नियमों की निगरानी मज़बूत करने और उल्लंघनों को रोकने के लिए विभाग की चल रही कोशिशों का हिस्सा है। अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल दुकानों का निरीक्षण नियमित अंतराल पर जारी रहेगा और दवाओं की बिक्री, स्टोरेज और वितरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने सभी लाइसेंस प्राप्त दवा विक्रेताओं को सलाह दी है कि वे खरीद और बिक्री के सही, अपडेटेड और वेरिफ़ाई किए जा सकने वाले रिकॉर्ड रखें, खासकर लत लगने वाली दवाओं के मामले में, और सभी कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करें। विभाग ने फिर से कहा कि दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने और यह पक्का करने के लिए कि दवाएं रेगुलेटेड चैनलों के ज़रिए सप्लाई हों, दवा कानूनों का पालन करना और सही रिकॉर्ड रखना ज़रूरी है।
