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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर

Army Kupwara

नेशनल डेस्कः जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना को बड़ी कामयाबी मिली है। जहां, कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे जुमागुंड इलाके में हुई। फिलहाल, सुरक्षा बलों की ओर से इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आसपास कोई अन्य आतंकवादी छिपा हुआ तो नहीं है।

सुबह करीब 3:30 बजे शुरू हुई मुठभेड़
अधिकारियों के मुताबिक, उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शनिवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में नियंत्रण रेखा के पास तैनात जवानों ने कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जवानों को जब इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी का शक हुआ, तो उन्होंने उन्हें रुकने की चुनौती दी। इसके बाद दोनों तरफ से कार्रवाई शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।

हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे या वे पहले से ही इलाके में मौजूद थे। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं, ताकि स्थिति की पूरी जानकारी मिल सके।

सितंबर में भी मारे गए थे जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकवादी
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। इससे पहले 17 सितंबर 2026 को जम्मू संभाग के उधमपुर जिले में एक अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद संगठन के दो पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। इस कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए आतंकवादियों की पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की थी। पुलिस के अनुसार, आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था।

बरामद हथियारों में चार मैगजीन के साथ एक AK असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन के साथ एक M4 कार्बाइन, दो मैगजीन के साथ एक ग्लॉक पिस्तौल और चार ग्रेनेड शामिल थे। इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी थी।

सर्दियां शुरू होने से पहले क्यों बढ़ जाती हैं घुसपैठ की कोशिशें

जम्मू-कश्मीर में सर्दियां शुरू होने से पहले नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की कोशिशें बढ़ने की आशंका रहती है। इसकी सबसे बड़ी वजह पहाड़ी इलाकों में होने वाली भारी बर्फबारी है।
सर्दियों में बर्फ जमने के कारण कई पहाड़ी रास्ते और दर्रे बंद हो जाते हैं। ऐसे में इन रास्तों से आवाजाही करना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से आतंकवादी बर्फबारी शुरू होने से पहले भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।

इस खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां नियंत्रण रेखा के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा देती हैं। जवान नियमित गश्त करते हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर तलाशी अभियान और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई भी तेज की जाती है।

नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा बल अलर्ट
कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में हुई ताजा मुठभेड़ को नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलाके में दो आतंकवादियों के मारे जाने के बाद भी सुरक्षा बल पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य इलाके को सुरक्षित बनाना और किसी भी संभावित घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करना है। अधिकारियों की ओर से अभियान से जुड़ी आगे की जानकारी मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

 

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