Mata Vaishno Devi : तीन दिन के इंतजार के बाद मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। आपको बता दें कि भारी बारिश और खराब मौसम के चलते रोकी गई यात्रा बुधवार सुबह छह बजे से फिर से शुरू हो गई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को पुनः बहाल करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जिसके बाद श्रद्धालुओं में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है।
#WATCH | Katra, J&K | Devotees rejoice as Vaishno Devi Yatra resumes after the three-day suspension due to bad weather conditions. pic.twitter.com/v2TfWIGPrV
— ANI (@ANI) October 8, 2025
श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से 5 से 7 अक्टूबर तक यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। कटरा में यात्रा के आधार शिविर पर करीब दो हजार श्रद्धालु फंसे हुए थे, जो पिछले तीन दिनों से माता के दर्शन के लिए इंतजार कर रहे थे। वहीं आज बुधवार सुबह छह बजे से सभी पंजीकरण केंद्र दोबारा खोल दिए गए हैं और श्रद्धालु एक बार फिर यात्रा मार्ग से भवन की ओर रवाना होने लगे हैं।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, मौसम में सुधार होते ही यात्रा को बहाल कर दिया गया है और सुरक्षा इंतजामों की पूरी समीक्षा की गई है। पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे निर्देशों का पालन करें और खराब मौसम की स्थिति में सावधानी बरतें।
Jai Mata Di,
As already communicated, all Yatra registration counters shall remain operational tomorrow, October 8, 2025, from 6:00 AM onwards.
Devotees are advised to stay updated through official communication channels for further information.@OfficeOfLGJandK @diprjk… pic.twitter.com/fFvhdMdi6z— Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board (@OfficialSMVDSB) October 7, 2025
कश्मीर में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित
इस बीच, कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग के लारनू और डाकसुन इलाकों में ताज़ा बर्फबारी से सेब के बागों और बिजली लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है। बर्फ के भार से कई पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली आपूर्ति और सड़क संपर्क बाधित हो गया। बांडीपोरा-गुरेज और कुपवाड़ा-करनाह मार्ग दूसरे दिन भी एहतियातन बंद रखे गए हैं। घाटी के निचले इलाकों में भी भारी बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। नगर निगम के कर्मचारी सड़कों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं। यातायात विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें, क्योंकि बर्फ जमने से कई रास्ते फिसलन भरे और खतरनाक हो गए हैं।

