Site icon Dainik Savera Times

MBBS छात्रों को लगा बड़ा झटका, माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, स्टूडेंट्स में हड़कंप

Mata Vaishno Devi Medical College

Mata Vaishno Devi Medical College

जम्मू- कश्मीर: श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज, जम्मू को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने बड़ा कदम उठाया है। कॉलेज में लगातार सामने आ रही व्यवस्थागत खामियों और न्यूनतम मानकों का पालन न होने के चलते इसकी मान्यता रद्द कर दी गई है। इस फैसले के बाद मेडिकल शिक्षा से जुड़े छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया है।

शिक्षकों और डॉक्टरों की भारी कमी

NMC की निरीक्षण रिपोर्ट में कॉलेज की सबसे गंभीर समस्या स्टाफ की कमी को बताया गया है। निर्धारित मानकों की तुलना में कॉलेज में लगभग 39 प्रतिशत शिक्षक कम पाए गए। वहीं, ट्यूटर, सीनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर डॉक्टरों की कमी 65 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जिससे शैक्षणिक और क्लिनिकल ट्रेनिंग दोनों प्रभावित हो रही थीं।

लाइब्रेरी और अकादमिक सुविधाओं की पोल खुली

कॉलेज की लाइब्रेरी भी मानकों पर खरी नहीं उतर सकी। जहां 1500 पुस्तकों की अनिवार्यता थी, वहां केवल 744 किताबें ही उपलब्ध मिलीं। मेडिकल जर्नल्स की संख्या भी बेहद कम रही जरूरत 15 की थी, जबकि मौजूद सिर्फ 2 ही थे। इसके अलावा कई विभागों में लैब, रिसर्च रूम और लेक्चर हॉल जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं, जो मेडिकल शिक्षा के लिए बेहद जरूरी मानी जाती हैं।

अस्पताल व्यवस्था भी सवालों के घेरे में

निरीक्षण के दौरान अस्पताल से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी गंभीर खामियां सामने आईं। कुछ वार्डों में पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग व्यवस्था नहीं थी। छोटे ऑपरेशन के लिए समुचित स्थान का अभाव था और कुल मिलाकर सिर्फ दो ऑपरेशन थिएटर ही कार्यरत पाए गए। ये सभी कमियां NMC के न्यूनतम मानकों के सीधे खिलाफ थीं।

अब MBBS छात्रों का क्या होगा?

मान्यता रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल छात्रों के भविष्य को लेकर था। इस पर NMC ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र की सीट रद्द नहीं की जाएगी।
सत्र 2025-26 में दाखिला लेने वाले सभी MBBS छात्रों को अतिरिक्त सीटों के रूप में जम्मू-कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा। छात्रों के समायोजन की जिम्मेदारी केंद्र शासित प्रदेश की स्वास्थ्य विभाग की होगी। सरकार जल्द ही प्रक्रिया पूरी करेगी ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।

ये भी पढ़ें: Gold and Silver Price: एक बार फिर आसमान छूने लगी सोने-चांदी की कीमतें, जानें आज के ताजा रेट

राहत की खबर

हालांकि कॉलेज प्रशासन के लिए यह फैसला बड़ा झटका है, लेकिन छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि उनकी मेडिकल शिक्षा जारी रहेगी और उनका करियर सुरक्षित रहेगा।

Exit mobile version