जम्मू कश्मीर डेस्कः पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को आगामी श्री अमरनाथ जी की वार्षिक पवित्र यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रत्येक कश्मीरी से सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा कश्मीर की सभ्यता, संस्कृति और कश्मीरियत का प्रतीक है।
ये भी पढ़ें :-
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह तीर्थयात्रा उन तत्वों को करारा जवाब देने का अवसर भी है, जो हमेशा कश्मीर और कश्मीरियों के बारे में नकारात्मक प्रचार करते हैं। साथ ही, यह सांप्रदायिक घृणा और हिंसा को बढ़ावा देने वाली शक्तियों के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश देने का भी माध्यम है। उन्होंने अपील की कि प्रत्येक कश्मीरी श्रद्धालुओं का स्वागत अपने परिजनों की तरह करे, ताकि वे यहां से सुखद और यादगार अनुभव लेकर लौटें।
आज पहलगाम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पीडीपी प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर आने वाला हर श्रद्धालु एक मेहमान ही नहीं, बल्कि कश्मीर का राजदूत भी होता है, जो देश के विभिन्न हिस्सों तक यहां की वास्तविक तस्वीर पहुंचाता है। श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों के साथ सम्मानजनक तथा आत्मीय व्यवहार नकारात्मक धारणाओं को दूर करने और विभिन्न क्षेत्रों एवं समुदायों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां आने वाला हर यात्री कश्मीर का मेहमान है। वे हमारी धरती, हमारे लोगों और हमारी संस्कृति की कहानी भारत के हर कोने तक लेकर जाते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि वे यहां से प्रेम, अपनत्व और मेहमाननवाजी की मधुर यादों के साथ लौटें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को केवल प्रशासन या सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी मानना पर्याप्त नहीं है। इसे कश्मीर के लोगों की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, बढ़ते ध्रुवीकरण और अविश्वास के इस दौर में यह यात्रा आपसी समझ को बढ़ाने, मानवीय रिश्तों को मजबूत करने और कश्मीर की सह-अस्तित्व की परंपरा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि घाटी का दौरा कर लौटने वाले श्रद्धालु कश्मीर की संस्कृति, मेहमाननवाजी और सामाजिक मूल्यों के प्रत्यक्ष गवाह बनते हैं। इसलिए उनके साथ होने वाली हर बातचीत और अनुभव महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कश्मीर और यहां के लोगों के बारे में फैली पूर्वाग्रहपूर्ण धारणाओं तथा गलत सूचनाओं का सबसे प्रभावी जवाब राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष संवाद और मानवीय संपर्क के माध्यम से दिया जा सकता है।
जनभागीदारी पर जोर देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने कहा कि अमरनाथ यात्रा ऐसी प्रक्रिया होनी चाहिए, जिसे स्थानीय स्तर पर संरक्षण, सहयोग और समर्थन प्राप्त हो तथा जो कश्मीर की वास्तविक भावना, संस्कृति और परंपराओं को प्रतिबिंबित करे। गौरतलब है कि श्री अमरनाथ यात्रा देशभर से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और हिमालयी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है।
ये भी पढ़ें :-
मेष: दिन शुभ रहेगा...