Last Updated: October 12, 2026

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आतंकियों को पनाह देने के आरोप में NIA ने श्रीनगर में संपत्ति की जब्त

October 12, 2026

आतंकियों को पनाह देने के आरोप में NIA ने श्रीनगर में संपत्ति की जब्त

nia-attaches-residential-property-in-srinagar-in-let-terror-case : श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ी सीमा-पार आतंकी साजिश के मामले में श्रीनगर के हजरतबल इलाके के दनिहामा में आरोपी गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ ‘मामा गैस’ की रिहायशी संपत्ति जब्त कर ली है। एजेंसी ने यह कार्रवाई गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 25 के तहत की है।

खसरा नंबर 315 पर स्थित इस प्रॉपर्टी को NIA के डायरेक्टर जनरल से मंज़ूरी मिलने के बाद ‘गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967’ की धारा 25 के तहत ज़ब्त किया गया। एजेंसी के मुताबिक, जांच में इस जगह और कथित आतंकी साज़िश के बीच सीधा संबंध पाया गया; इस प्रॉपर्टी का इस्तेमाल पाकिस्तानी आतंकवादियों को पनाह देने और आपत्तिजनक सामान छिपाने के लिए किया गया था। यह मामला शुरू में 31 मार्च, 2026 को श्रीनगर के ज़कूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 24/2026 के तौर पर दर्ज किया गया था, जिसे बाद में NIA ने अपने हाथ में लेकर RC-02/2026/NIA/JMU के तौर पर फिर से दर्ज किया। एजेंसी ने बताया कि जांच में स्थानीय ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ (OGWs) के एक कथित नेटवर्क का पता चला है जो पाकिस्तान स्थित LeT हैंडलर्स के साथ मिलकर काम कर रहे थे। ये लोग सरकारी ठिकानों, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले के लिए पाकिस्तानी आतंकवादियों की घुसपैठ, आवाजाही, पनाह और लॉजिस्टिकल सपोर्ट में मदद करते थे। 6 अप्रैल, 2026 को मीर के घर पर तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं को दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मिले, जिनकी पहचान अबू हुरैरा और खुबैब के तौर पर हुई; ये कथित तौर पर LeT से जुड़े थे। घर से विस्फोटक जैसा पदार्थ, डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद और ज़ब्त किया गया। एजेंसी के अनुसार, NIA की जांच से यह भी पता चला कि मीर ने जानबूझकर संदिग्ध आतंकवादियों को पनाह दी थी और अपनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल उनकी गतिविधियों में मदद के लिए करने दिया था। एजेंसी ने कहा कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े अन्य कथित ओवरग्राउंड वर्कर्स, मदद करने वालों और लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।

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