Site icon Dainik Savera Times

छोटे घरों के लिए संपत्ति कर नहीं, छोटे व्यवसायों के लिए अल्प

जम्मू: मुख्य सचिव डा. अरुण मेहता की अध्यक्षता में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में संपत्ति कर के संबंध में बनाई गई गलत सूचना पर विचार-विमर्श करने के
लिए एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि 1000 वर्ग फुट तक के निर्मित क्षेत्र वाले छोटे घरों वाले सभी गरीब, वंचितों को सरकार द्वारा इस वर्ष अप्रैल से लगाए जाने वाले किसी भी संपत्ति कर का भुगतान करने से छूट दी गई है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, प्रमुख सचिव एचएंडयूडीडी, एडीजीपी जम्मू/कश्मीर, उपायुक्त, एसएसपी जम्मू और श्रीनगर, नगर निगमों के आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में यह भी बताया गया कि संपत्ति कर लगाना शहरी क्षेत्र के सुधारों का अनिवार्य हिस्सा है। जम्मू और कश्मीर संपत्ति कर लगाने वाले अंतिम राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से एक है और कर न लगाने से स्थानीय निकाय आत्मनिर्भर बनने से वंचित हो रहे हैं। शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को अपने अधिकार क्षेत्र में कई नागरिक सेवाएं प्रदान करने और संसाधनों की आवश्यकता होती है। इस कर की उगाही से इन संस्थानों की संपत्ति स्थिति में सुधार होगा और रोजगार सृजन के अलावा सेवाओं में सुधार होगा।

इस संबंध में डा. मेहता ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे जिले के अपने यूएलबी में विभिन्न संपत्तियों के लिए कर की गणना के ऐसे वास्तविक उदाहरण देकर अपने क्षेत्रों में जागरूकता पैदा करें। उन्होंने देखा कि लोगों के बीच बनाई गई गलत सूचनाओं को साथ लेकर संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कर को लागू करने के वास्तविक उद्देश्यों और सूचनाओं के प्रसार में निर्वाचित प्रतिनिधियों और नागरिक समाज के सदस्यों को शामिल करें। उन्होंने जनता के लिए एक हैल्पलाइन बनाने के लिए कहा जो इस मामले के बारे में सही जानकारी का प्रसार करेगा।

उन्होंने उनसे लोगों के लिए एक सरल संपत्ति कर कैलकुलेटर के साथ आने का आग्रह किया ताकि वे स्वयं भुगतान करने के लिए उत्तरदायी वास्तविक राशि का आंकलन करने में सक्षम हो सकें। यह भी उल्लेख किया गया कि जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर के अनुसार भारत सरकार के आंकड़ों ने स्वस्थ रु झान दिखाया है। जम्मू-कश्मीर के लोगों की प्रति व्यक्ति आय बेहतर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में है। डा. मेहता ने इस तथ्य पर जोर दिया कि लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए कि यूएलबी संसाधनों को किसी अन्य उद्देश्य के लिए निर्देशित करने की अनुमति नहीं है। लोगों द्वारा भुगतान किए गए संपत्ति कर का उपयोग उनके अपने क्षेत्रों में किया जाएगा। यूएलबी द्वारा संचित कर राशि को यूएलबी द्वारा एकत्र किया जाएगा और विशेष रूप से उनकी विकास आवश्यकताओं के लिए उपयोग किया जाएगा।

Exit mobile version