उमर अब्दुल्ला बोले- राज्य का दर्जा समेत कई मुद्दों पर केंद्र से बातचीत जारी

Omar Abdullah speaks on statehood talks : श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने समेत कई अहम मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कामकाज के नियम, आरक्षण और पूर्णकालिक एडवोकेट जनरल की नियुक्ति का भी जिक्र किया। वहीं, J&K इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल को उन्होंने स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री और युवाओं के लिए नए अवसरों का मंच बताया।
उमर ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना उन मुद्दों में शामिल है जिन पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ चर्चा हो रही है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के कामकाज के नियमों का भी ज़िक्र किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दो साल से कोई एडवोकेट जनरल नहीं है। आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि J&K कैबिनेट ने केंद्र को पहले ही एक प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वह प्रस्ताव अभी तक गृह मंत्रालय तक नहीं पहुँचा है।
उमर ने भारत में मुसलमानों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति के बारे में भी बात की। उन्होंने मस्जिदों को गिराने, मुसलमानों पर हमले और उनके साथ बाहरी लोगों जैसा व्यवहार करने की घटनाओं का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ चिंता का विषय हैं और देश में मुस्लिम समुदाय के लिए मुश्किल हालात को दर्शाती हैं। जम्मू-कश्मीर के पहले इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल के बारे में उमर ने इस पहल को एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे फ़िल्म निर्माताओं को देश के सिनेमाई नक्शे पर कश्मीर की पुरानी जगह की याद आ सकती है। उन्होंने कहा कि पहले फ़िल्म निर्माता स्विट्ज़रलैंड जैसी जगहों को चुनने के बजाय फ़िल्मों की शूटिंग के लिए कश्मीर आते थे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फ़ेस्टिवल उस जुड़ाव को फिर से बनाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फ़ेस्टिवल स्थानीय फ़िल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ मास कम्युनिकेशन और उससे जुड़े कोर्स कर रहे छात्रों को भी पहचान और मौके दिला सकता है। उन्होंने कहा कि यह इवेंट एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर काम कर सकता है जिससे स्थानीय टैलेंट को फ़िल्म निर्माताओं और बड़ी फ़िल्म इंडस्ट्री के सामने अपनी पहचान बनाने का बेहतर मौका मिल सके।
