जम्मू/श्रीनगर : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा आज नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के अंतर्गत अनंतनाग में पदयात्रा में शामिल हुए। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस जंग को जीतने के लिए चुप्पी तोड़ें और समाज के सभी वर्गों को नशे की लत के खतरों के बारे में एक स्वर में बोलना चाहिए। उपराज्यपाल ने कहा नशे की लत की चुनौती का उन्मूलन केवल समग्र समाज के दृष्टिकोण से ही संभव है।
अब से केंद्र शासित प्रदेश के हर कोने, चाहे वह स्कूल हों, कॉलेज हों, परिवार हों, खेल के मैदान हों, वार्ड हों, गांव हों या थिएटर के मंच हों, सभी को दृढ़ संकल्प के साथ इस मुद्दे को आवाज देनी चाहिए। उपराज्यपाल ने कहा कि नशीली दवाओं के खिलाफ इस युद्ध में, प्रशासन और समाज को नशीली दवाओं और आतंकवाद के बीच के संबंध को समझना चाहिए और इसे हराने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। हमारा पड़ोसी देश जानबूझकर जम्मू कश्मीर में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा है।
नशीले पदार्थों के इस पैसे का इस्तेमाल नशीले पदार्थों के आलीशान बंगले बनाने में किया जा रहा है और इसका एक बड़ा हिस्सा आतंकवाद और कट्टरपंथ के लिए इस्तेमाल हो रहा है। एक तरफ जहां नशीले पदार्थ जम्मू कश्मीर के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आतंकी संगठन इस पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने में कर रहे हैं और केंद्र शासित प्रदेश में हमारे भाइयों और बहनों का खून बहा रहे हैं।
उपराज्यपाल ने कहा इस नशीले पदार्थों के आतंकी नेटवर्क ने दशकों से जम्मू-कश्मीर की कई पीढ़ियों को पीड़ा पहुंचाई है, इसीलिए मैं हमेशा कहता हूं नशाखोरी और आतंकवाद अलग-अलग चुनौतियां नहीं हैं, बल्कि एक ही समस्या के दो पहलू हैं और मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि जब तक हम इसे परास्त नहीं कर देते, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।
उपराज्यपाल ने पुलिस और नागरिक प्रशासन से अनंतनाग की हर पंचायत को कवर करने और विशेष रूप से अगले 71 दिनों के अभियान में जिले के संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने का आह्वान किया। अनंतनाग जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह को करारा झटका दिया जा रहा है। 11 अप्रैल से अनंतनाग में एनडीपीएस के सबसे अधिक 108 मामले दर्ज किए गए हैं। नशीले पदार्थों से कमाए गए काले धन से निर्मित 3.5 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों के महल ध्वस्त कर दिए गए हैं। 22 वाहन जब्त किए गए हैं, 8 ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण रद्द किए गए हैं।
कानून का उल्लंघन करने के आरोप में 13 नशीले पदार्थों की दुकानों को सील कर दिया गया है।उपराज्यपाल ने कहा मैं अनंतनाग के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि एक भी तस्कर बख्शा नहीं जाएगा और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल पूरे तंत्र को जड़ से उखाड़ फैंका जाएगा। उपराज्यपाल ने कहा कि इस मादक पदार्थों के विरुद्ध युद्ध में महिलाएं और युवा सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य या पड़ोस का कोई युवा भटक रहा है, तो महिला एवं युवा क्लब के सदस्यों को उसे सुधार के मार्ग पर वापस लाना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की सहायता लेनी चाहिए।
मैं खिलाडि़यों, शिक्षकों और सभी धार्मिक नेताओं से अपील करता हूं कि वे अगले 71 दिनों को पूरी लगन से जागरूकता और पुनर्वास अभियान के लिए समर्पित करें और जम्मू कश्मीर को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें। उपराज्यपाल ने कहा धार्मिक नेताओं को जनता का नेता और मार्गदर्शक माना जाता है। मैं चाहता हूं कि वे युवाओं को आध्यात्मिक और नैतिक मार्गदर्शन दें और उन्हें नशे के खतरों के बारे में आगाह करें। मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि यह लड़ाई सिर्फ प्रशासन की नहीं है।
यह समाज की सामूहिक लड़ाई है। आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने गांवों और मोहल्लों में नशीले पदार्थों के तस्करों को फलने-फूलने नहीं देंगे। हम नशे के शिकार युवाओं का पुनर्वास करेंगे। मुझे दृढ़ विश्वास है कि जब जनता किसी उद्देश्य के लिए खड़ी होती है, तो उसकी शक्ति हजार गुना बढ़ जाती है। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने आतंकी हमले के प्रत्येक पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने जिले में 20.60 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न खेल अवसंरचना विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें जबलीपोरा में खेल गांव आधुनिक खेल अवसंरचना और आवासीय सुविधा (खेल भवन) चरण-1 चाकी-कमल मंगोल में खेल सुविधाओं का विस्तार, निल्लांद्रुसु में खेल परिसर का पुनर्निर्माण और हरमोहल्ला रणबीरपोरा में स्टेडियम का विकास शामिल है।
उपराज्यपाल ने कहा कि ये खेल सुविधाएं युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में निर्देशित करेंगी और अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करेंगी। उन्होंने युवा प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया और युवाओं को खेल किट वितरित किए। कलाकारों ने पारंपरिक नुक्कड़ नाटक, बंद पत्थर और नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान पर आधारित एक मूक अभिनय के माध्यम से मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाई, युवाओं को स्वस्थ रहने और नशा मुक्त समाज में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

