जम्मू-कश्मीर डेस्क: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों और अलगाववादी संगठनों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने पिछले छह दिनों में घाटी के अलग-अलग इलाकों में करीब 370 स्थानों पर छापे मारे हैं। इस दौरान करीब 130 लोगों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को कई जगहों से प्रतिबंधित संगठनों का साहित्य, फंडिंग से जुड़े कागज़ात और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान घाटी के हर जिले में लगातार चल रहा है और इसकी निगरानी संबंधित जिलों के पुलिस प्रमुख कर रहे हैं। श्रीनगर में लगभग 30 जगहों पर छापे मारे गए और 8 लोगों को हिरासत में लिया गया। बारामुला जिले में 22 घरों और अन्य जगहों की तलाशी ली गई, जिले में 16 स्थानों पर घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन भी किया गया। कुपवाड़ा, हंदवाड़ा, शोपियां और अन्य जिलों में भी कार्रवाई कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में पुलिस ने 40 जगहों पर तलाशी ली और एक दर्जन लोगों को पकड़ा। शोपियां में 75, अनंतनाग में 30, अवंतीपोरा में 25, पुलवामा में 60, गांदरबल में 20 और कुलगाम में 55 स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान जो 130 लोग हिरासत में लिए गए हैं, उनमें 26 लोग सिर्फ बारामुला जिले से हैं।
किन लोगों को पकड़ा गया?
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में आतंकियों की मदद करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर (OGWs), पहले आतंकी रह चुके लोग, जो जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से गलत गतिविधियों में शामिल हो गए थे। आतंकियों के रिश्तेदार, जमाते इस्लामी और अन्य प्रतिबंधित अलगाववादी संगठनों से जुड़े लोग शामिल हैं।
क्यों की गई इतनी बड़ी कार्रवाई?
जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन लोगों के बारे में इनपुट मिला था कि वे आतंकवादी नेटवर्क को फिर से खड़ा करने, फंड जुटाने और नए आतंकियों की भर्ती करने में सक्रिय थे। इसके अलावा ये लोग राष्ट्रविरोधी विचार फैलाने और लोगों को भड़काने की भी कोशिश कर रहे थे। इसी वजह से घाटी में बड़े स्तर पर छापेमारी की गई।
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