जम्मू-कश्मीर डेस्क: बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए वार्षिक पंजीकरण बुधवार यानी 15 अप्रैल से शुरू हो रहा है। यात्रा 3 जुलाई से आरंभ होकर 57 दिनों तक चलेगी और रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को संपन्न होगी। यात्रा की प्रथम पूजा 29 जून को आयोजित की जाएगी।
यात्रा के लिए एडवांस पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। ऑफलाइन पंजीकरण देशभर में चार बैंकों की 554 शाखाओं में होगा। इनमें जम्मू कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंकऔर यस बैंक शामिल हैं। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र ही मान्य होगा।
क्या हैं नियम?
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यात्री की आयु 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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पंजीकरण आधार-आधारित बायोमैट्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
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प्रत्येक यात्री के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
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प्रति यात्री 150 रुपये का पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा।
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पंजीकरण के बाद यात्रियों को पहलगाम या बालटाल मार्ग के लिए परमिट दिया जाएगा।
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RFID कार्ड के बिना यात्रा की अनुमति नहीं होगी।
अन्य आवश्यक शर्तें
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यात्रियों की आयु 13 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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8 अप्रैल 2026 के बाद जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
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6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
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पंजीकरण के लिए फोटो और आधार कार्ड आवश्यक है।
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यात्रा के दौरान फोटो पहचान पत्र और चिकित्सा प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य है।
150 रुपये शुल्क लेकर किया जाएगा पंजीकरण
ऑनलाइन पंजीकरण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। वहीं, बैंक शाखाओं में बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद 150 रुपये शुल्क लेकर पंजीकरण किया जाएगा। पहलगाम और बालटाल मार्गों के लिए अलग-अलग परमिट जारी किए जाएंगे। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड द्वारा देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चिकित्सा केंद्रों और डॉक्टरों की सूची भी जारी कर दी गई है। यह प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवा चुके हैं। यात्रा पंजीकरण के साथ-साथ श्राइन बोर्ड, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा यात्रा की तैयारियां भी लगातार जारी हैं।

