नशा पीड़ितों के पुनर्वास की तैयारी तेज

Rehabilitation for victims of substance abuse : श्रीनगर। नशा पीड़ितों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाब्रू ने IMHANS का दौरा कर ‘नशा पीड़ितों के लिए पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक पुनर्एकीकरण योजना, 2026’ के पायलट चरण की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, लाभार्थियों तक सेवाओं की आसान पहुंच और पुनर्वास प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी पर जोर दिया।
उन्होंने पुनर्वास सेवाओं की उपलब्धता, संबंधित विभागों और संस्थानों के बीच समन्वय तंत्र और प्रोग्राम को प्रभावी ढंग से लागू करने व ज़िले में इसे सफलतापूर्वक चलाने के लिए ज़रूरी अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। DC ने नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए एक समग्र, समन्वित और परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण की ज़रूरत पर जोर दिया। उन्होंने पीड़ितों की रिकवरी, पुनर्वास और मुख्यधारा के समाज में उनके सामाजिक-आर्थिक पुनर्एकीकरण पर खास ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों और संस्थानों को लाभार्थियों तक सेवाओं को आसानी से पहुँचाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने नशा पीड़ितों के रजिस्ट्रेशन, फील्ड अनुभवों के सही डॉक्यूमेंटेशन, लागू करने में आने वाली चुनौतियों की पहचान और समय पर सुधारात्मक उपाय करने के महत्व पर भी जोर दिया, ताकि पायलट से मिली सीख प्रोग्राम को बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले उसे मजबूत बनाने में मदद कर सके।
DC ने पुनर्वास उपायों की प्रभावी निगरानी और नियमित मूल्यांकन की भी बात कही, ताकि यह पक्का किया जा सके कि योजना के मकसद पूरे हों और लाभार्थियों को पुनर्वास और पुनर्एकीकरण की पूरी प्रक्रिया के दौरान लगातार मदद मिलती रहे। यह दौरा सरकार की पहल और ज़िला प्रशासन की उन लगातार कोशिशों का हिस्सा था, जिनका मकसद नशाखोरी से निपटने और ज़िले में पुनर्वास व पुनर्एकीकरण सेवाओं को मजबूत करने वाली पहलों की प्रभावी तैयारी और समन्वित कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। डिप्टी कमिश्नर के साथ एडिशनल डिप्टी कमिश्नर आदिल फरीद, IAS प्रोबेशनर आकाश गर्ग, तहसीलदार (साउथ) सज्जाद रसूल शाह, डिपार्टमेंट हेड प्रोफ़ेसर (डॉ.) अर्शीद हुसैन, SMHS हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एजाज़, SMHS हॉस्पिटल के ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर की इंचार्ज डॉ. अंदलीब, डॉ. यासिर हसन राथर और अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
