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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों का डबल एक्शन, ग्रेनेड बरामदगी के साथ ड्रोन घुसपैठ भी रोकी

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं, जबकि राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया।

पुलिस ने बताया कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के कुंजर इलाके में वुसान बांगिल में नाका चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति के पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। यह चेकिंग कुंजर पुलिस स्टेशन, एसओजी कुंजर, सीआरपीएफ 176 बटालियन और 2 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों की एक संयुक्त टीम ने की थी। गाड़ियों और पैदल चलने वालों की चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मियों को देखकर भागने की कोशिश की, हालांकि, उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

व्यक्ति की पहचान कुंजर के हरदू अबूरा के रहने वाले शाकिर नबी लोन के तौर पर हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए। बरामदगी के बाद कुंजर पुलिस स्टेशन में शाकिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले की आगे जांच चल रही है।

एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम

वहीं, एक और ऑपरेशन में सेना ने राजौरी जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि 27-28 अगस्त की रात राजौरी के नौशेरा इलाके में रुमलिधारा के पास तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में घुस आए थे। सैनिकों ने उनकी हरकत को भांप लिया और तुरंत काउंटर-ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट कर दिए।

अधिकारियों ने कहा, “इस तेज कार्रवाई के कारण तीनों ड्रोन को वापस सीमा पार भागना पड़ा। साथ ही, एहतियात के तौर पर इलाके में सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया है।” पहले भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता रहा है और आतंकी संगठनों के हैंडलर ऐसी कोशिशें करते रहते हैं। वे जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बनाए रखने के लिए हथियार, गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स गिराने के लिए इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं।

इन चीजों को आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाते हैं और फिर आतंकियों तक पहुंचाते हैं। केंद्र शासित प्रदेश में एलओसी और इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा कर रही सेना और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने ड्रोन घुसपैठ के खतरे से निपटने के लिए हाई-टेक एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी तैनात की है।

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