Last Updated: September 22, 2026

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छह दिन बाद फिर शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा,  6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना, सुरक्षा के कड़े प्रबंध

July 25, 2026

छह दिन बाद फिर शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा,  6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना, सुरक्षा के कड़े प्रबंध

जम्मू-कश्मीरः लगातार खराब मौसम, भारी बारिश, भूस्खलन और सुरक्षा कारणों से छह दिनों तक रुकी रही श्री अमरनाथ यात्रा शनिवार से एक बार फिर शुरू हो गई। मौसम में सुधार होने और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोबारा खुलने के बाद प्रशासन ने यात्रा बहाल करने का फैसला लिया। इसके बाद जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 6,269 श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना किया गया। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। साथ ही पूरे रास्ते पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से पूरी हो सके।

छह दिन तक क्यों रुकी रही यात्रा
श्री अमरनाथ यात्रा को 19 जुलाई को एहतियात के तौर पर रोक दिया गया था। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही थी, जिससे पहाड़ों से पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई थीं। खराब मौसम के कारण यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था। सबसे अधिक परेशानी अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग पर देखने को मिली। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दी थी।

भगवती नगर से रवाना हुआ 18वां जत्था
शनिवार तड़के करीब 2:40 बजे जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से यात्रा का 18वां जत्था रवाना किया गया। इस जत्थे में कुल 6,269 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु-संत भी शामिल हैं। श्रद्धालुओं को 223 वाहनों के काफिले में कड़ी सुरक्षा के बीच बालटाल आधार शिविर के लिए भेजा गया। इस बार पहलगाम मार्ग के लिए कोई काफिला रवाना नहीं किया गया।

 

राष्ट्रीय राजमार्ग खुलने से मिली बड़ी राहत
यात्रा दोबारा शुरू होने की सबसे बड़ी वजह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का खुलना रहा। उधमपुर-रामबन क्षेत्र में लगातार भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण यह मार्ग करीब तीन दिनों तक बंद रहा था। सड़क साफ होने और यातायात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने हालात की समीक्षा की। मौसम और सुरक्षा की स्थिति संतोषजनक मिलने पर यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
यात्रा दोबारा शुरू होने से श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोग पिछले कई दिनों से मौसम साफ होने और यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। पहली बार अमरनाथ यात्रा पर पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि उनका सपना बाबा बर्फानी के दर्शन करना है। उन्होंने कहा कि चाहे रास्ते में कितनी भी बारिश या कठिनाई क्यों न आए, उनकी आस्था मजबूत है और वे दर्शन जरूर करेंगे। अन्य श्रद्धालुओं ने भी कहा कि मौसम की चुनौतियां उनकी श्रद्धा को कमजोर नहीं कर सकतीं।

सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत
यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। वाहनों की लगातार जांच की जा रही है। यात्रा मार्ग पर गश्त बढ़ाई गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

 

अब तक करीब चार लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
राज्य प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग चार लाख श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। इनमें से करीब 1.20 लाख श्रद्धालुओं ने जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अपनी यात्रा शुरू की थी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 2 जुलाई को पहले जत्थे को रवाना किया था। इसके बाद 3 जुलाई से घाटी में औपचारिक रूप से यात्रा शुरू हुई थी।

28 अगस्त को होगा यात्रा का समापन
हर साल की तरह इस वर्ष भी श्री अमरनाथ यात्रा का समापन रक्षाबंधन के दिन 28 अगस्त को होगा। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि किसी भी समय मौसम खराब होता है या सुरक्षा संबंधी कोई खतरा सामने आता है तो आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे। यात्रा दोबारा शुरू होने से उन हजारों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली है जो पिछले कई दिनों से मौसम सुधरने और बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे।

 

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