Last Updated: October 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

खेती का भविष्य AI-रोबोटिक्स से बदलेगा, इंसानी समझ से तालमेल जरूरी : LG सिन्हा

October 5, 2026

खेती का भविष्य AI-रोबोटिक्स से बदलेगा, इंसानी समझ से तालमेल जरूरी : LG सिन्हा

Sinha Calls for AI-Human Synergy in Farming : श्रीनगर। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जलवायु परिवर्तन, संसाधनों की कमी और टिकाऊ खेती जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए AI, रोबोटिक्स और इंसानी समझ के बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कम संसाधनों में अधिक उत्पादन के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। सिन्हा ने स्मार्ट फार्मिंग में छोटे किसानों और खेती से जुड़ी महिलाओं की जरूरतों को केंद्र में रखने की भी अपील की।

SKUAST-कश्मीर के शालीमार कन्वेंशन सेंटर में “Gen-Z खेती के लिए AI और रोबोटिक्स” पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए, LG सिन्हा ने समाचार एजेंसी ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्ज़र्वर’ (KNO) के अनुसार कहा कि वे इस बात पर ज़ोर देना चाहेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंसानी समझ को मिलकर काम करना चाहिए। LG ने ऐसे इनोवेशन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिनसे किसानों और पूरे समाज को फ़ायदा हो।

उन्होंने कहा कि खेती के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान पुराने तरीकों से नहीं किया जा सकता और कम संसाधनों का इस्तेमाल करके ज़्यादा पैदावार के लिए नई तकनीकों को अपनाने की बात कही। सिन्हा ने कहा, “सीमित संसाधनों के साथ हम ज़्यादा पैदावार नहीं कर पाएंगे। हमें यह पता लगाने की ज़रूरत है कि हम खेती को जलवायु परिवर्तन के असर से कैसे बचा सकते हैं और खेती व बागवानी को टिकाऊ कैसे बना सकते हैं।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संगोष्ठी AI, रोबोटिक्स और दूसरी उभरती तकनीकों के ज़रिए समाधान खोजने में मदद करेगी। सिन्हा ने कहा कि खेती की समृद्ध परंपराओं और पीढ़ियों से किसानों के सामने आ रही चुनौतियों को देखते हुए, जम्मू-कश्मीर खेती के भविष्य पर चर्चा करने के लिए एक सही जगह है। उपराज्यपाल ने खेती में महिलाओं की अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाले इंजीनियरिंग इनोवेशन सिर्फ़ चर्चा तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें व्यावहारिक समाधानों में बदलना चाहिए।

लेबर फ़ोर्स के आंकड़ों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा खेती से जुड़ा है, जबकि कई महिलाएं बिना उचित मेहनताने के भी इस क्षेत्र में योगदान देती रहती हैं। LG सिन्हा ने आगे कहा कि स्मार्ट फ़ार्मिंग, AI और रोबोटिक्स में होने वाले इनोवेशन ऐसे होने चाहिए जो सबको साथ लेकर चलें और छोटे व सीमांत किसानों के साथ-साथ खेती से जुड़ी महिलाओं की ज़रूरतों पर केंद्रित हों।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें