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‘1987 की चुनावी धांधली पर अब्दुल्ला परिवार को जवाब देना चाहिए’

Targets Abdullah Family Over 1987 Poll Rigging Allegations : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने 1987 के विधानसभा चुनावों में कथित धांधली को लेकर अब्दुल्ला परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस चुनाव में वोटों की हेराफेरी कर फारूक अब्दुल्ला को मुख्यमंत्री बनाया गया था। शर्मा ने कांग्रेस पर भी चुनावी धांधली के आरोप लगाते हुए कहा कि अब्दुल्ला परिवार को 1987 के चुनावों से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।

समाचार एजेंसी ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्ज़र्वर’ (KNO) के अनुसार, पत्रकारों से बात करते हुए शर्मा ने कहा कि अब्दुल्ला परिवार पर देश में वोट चोरी का सबसे बड़ा आरोप है। उन्होंने कहा, “अगर किसी पर वोट चोरी का आरोप लगाया जा सकता है, तो वह 1987 की धांधली है। जब वोट चुराकर फारूक अब्दुल्ला को मुख्यमंत्री बनाया गया था।” शर्मा ने कहा कि 1987 की धांधली न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में एक मिसाल है। उन्होंने कहा, “1987 की घटना पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है।

देश में चोरी का सबसे बड़ा आरोप 87 की चोरी का है। अब्दुल्ला परिवार को सबसे पहले इसका जवाब देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि J&K में निष्पक्ष चुनाव केवल अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुए, जबकि कांग्रेस का जम्मू-कश्मीर में वोट चोरी करने का इतिहास रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खलिक नाम का एक DC MLA नियुक्त करता था। शर्मा ने कहा, “यहाँ खलिक नाम का एक DC था। उन MLA को ‘खलिक-मेड MLA’ कहा जाता था।”

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