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अपनी सैलरी से बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे शिक्षक

Teacher Girdhari Lal Visits 650 Gujjar-Bakarwal Settlements : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में शिक्षा की अलख जगाने के लिए शिक्षक गिरधारी लाल ने मिसाल पेश की है।

रियासी जिले के सरकारी मिडिल स्कूल सुधीन में तैनात गिरधारी लाल ने गुज्जर और बकरवाल समुदायों के करीब 650 अस्थायी डेरों का दौरा कर हजारों बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाने में मदद की। उन्होंने जरूरतमंद लड़कियों की फीस और पढ़ाई का खर्च भी अपनी सैलरी से उठाया। इसके अलावा बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता, टीकाकरण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर दूरदराज के परिवारों को जागरूक करने का प्रयास किया।

गिरधारी लाल, जो रियासी जिले के पौनी ज़ोन स्थित सरकारी मिडिल स्कूल (GMS) सुधीन में शिक्षक हैं और जम्मू जिले की खौर तहसील के बरदोह के रहने वाले हैं, ने शिक्षा को बढ़ावा देने और जनजातीय परिवारों की मदद करने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में गुज्जर और बकरवाल समुदायों के लगभग 650 डेरों (अस्थायी बस्तियों) का दौरा किया है। दूर-दराज और जंगली इलाकों में अपने दौरों के दौरान, उन्होंने हज़ारों बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने का काम किया है।

उन्होंने गरीब और ज़रूरतमंद लड़कियों की मदद के लिए अपनी खुद की सैलरी से उनकी दाखिला फीस और पढ़ाई-लिखाई का अन्य खर्च भी उठाया है। उनके प्रयासों में स्कूलों में दाखिला अभियान, बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान, टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाना और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना शामिल है।

इन गतिविधियों के ज़रिए, उनका उद्देश्य गुज्जर और बकरवाल समुदायों के लिए शिक्षा के अवसरों को बेहतर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। गिरधारी लाल ने अपने दौरों के दौरान ली गई जियो-टैग की गई तस्वीरें और अन्य दस्तावेज़ी सबूत भी संभाल कर रखे हैं। उनके ये प्रयास जम्मू-कश्मीर के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों और परिवारों तक शिक्षा और जागरूकता पहुँचाने के उनके समर्पण को दर्शाते हैं।

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