The BJP asked—where has the Gupkar Gang gone? : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में गुपकार गठबंधन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। BJP J&K के प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व पर राजनीतिक लाभ के लिए पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) का इस्तेमाल करने और सत्ता में आने के बाद अपने सहयोगियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। ठाकुर ने सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान एकजुटता का दावा करने वाला तथाकथित गुपकार गठबंधन अब राजनीतिक परिदृश्य से गायब क्यों है और उसके नेता चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।
ठाकुर ने कहा कि गुपकार गठबंधन को एक एकजुट राजनीतिक मोर्चे के तौर पर पेश किया गया था, जिसके नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के हितों और अधिकारों की रक्षा के बड़े-बड़े दावे किए थे। उन्होंने कहा, “जब चुनाव आए, तो गुपकार गैंग एक साथ खड़ा हुआ, एकता के नाम पर वोट मांगे और लोगों को विश्वास दिलाया कि वे एक साझा मकसद के लिए लड़ रहे हैं। लेकिन जैसे ही नेशनल कॉन्फ्रेंस सत्ता में आई, वही गठबंधन और उसके नेता राजनीतिक परिदृश्य से गायब हो गए।” उन्होंने सवाल किया कि जो लोग PAGD का हिस्सा थे, वे आज क्यों चुप हैं। ठाकुर ने कहा, “वे आवाज़ें कहाँ हैं जो कभी गुपकार से गूंजती थीं? वे नेता कहाँ हैं जिन्होंने मंच साझा किया और लोगों से वादे किए? वे अब क्यों चुप हैं? जम्मू-कश्मीर की जनता जवाब की हकदार है।” BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि गुपकार गठबंधन को वोट एकजुट करने और चुनावी फ़ायदा हासिल करने के लिए एक राजनीतिक व्यवस्था के तौर पर बनाया गया था।
उन्होंने कहा, “जब वोटों की ज़रूरत थी तो गुपकार नैरेटिव को ज़ोर-शोर से उठाया गया, लेकिन सत्ता हासिल करने के बाद NC अपने पुराने सहयोगियों और गुपकार बैनर तले की गई राजनीति को आसानी से भूल गई।” ठाकुर ने कहा कि डॉ. फ़ारूक़ अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को जनता को यह बताना चाहिए कि PAGD के तहत दिखाई गई राजनीतिक एकता का क्या हुआ। उन्होंने कहा, “अगर गुपकार गठबंधन सचमुच किसी मकसद के लिए बनाया गया था, तो चुनाव के बाद यह क्यों गायब हो गया? अगर यह सिर्फ़ एक चुनावी रणनीति थी, तो NC में इसे स्वीकार करने की हिम्मत होनी चाहिए।” उन्होंने आगे NC नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वे अपने सहयोगियों को तभी याद करते हैं जब उन्हें राजनीतिक समर्थन की ज़रूरत होती है। ठाकुर ने कहा, “जैसे ही सत्ता हाथ में आई, गुपकार गैंग राजनीतिक रूप से खत्म हो गया।
जो लोग NC के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे, वे अकेले रह गए, जबकि अब्दुल्ला परिवार सत्ता के पदों पर काबिज हो गया।” ठाकुर ने कहा कि PAGD के पूर्व सहयोगियों की चुप्पी भी उतनी ही अहम है। उन्होंने पूछा, “जो लोग कभी गुपकार मंच से आक्रामक तरीके से बात करते थे, वे अब चुप क्यों हैं? क्या इसलिए कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है, या इसलिए कि NC ने वह हासिल कर लिया जो वह चाहती थी?” उन्होंने कहा कि लोग अब चुनावों के दौरान बनाए गए राजनीतिक नारों और गठबंधनों से गुमराह होने को तैयार नहीं हैं। ठाकुर ने कहा, “जम्मू-कश्मीर को विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही की राजनीति की जरूरत है, न कि सुविधा की राजनीति की। लोग हर पार्टी और हर नेता को भावनात्मक नारों के बजाय उनके कामकाज के आधार पर परखेंगे।” ठाकुर ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि NC ने लोगों से कई वादे किए थे, लेकिन अब वह जनता की बढ़ती चिंताओं को दूर करने के बजाय अपने कामकाज का बचाव करने में व्यस्त है।
ठाकुर ने कहा, “जब वोट चाहिए थे, तब गुपकार गैंग बहुत शोर मचा रहा था। आज, जब NC सत्ता में है, तो पूरी तरह खामोशी है। लोग जानना चाहते हैं कि क्या गुपकार की राजनीति एक वास्तविक राजनीतिक आंदोलन था या सिर्फ सत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी।” उन्होंने NC नेतृत्व को चुनौती दी कि वे PAGD के भविष्य के बारे में साफ-साफ बताएं और यह भी बताएं कि उनके पूर्व सहयोगियों को राजनीतिक रूप से अलग-थलग क्यों छोड़ दिया गया है। “गुपकार को बहुत धूमधाम से बनाया गया था, लेकिन आज यह एक राजनीतिक भूत बन गया है। अब्दुल्ला परिवार को लोगों को बताना चाहिए कि गुपकार गैंग कहां गया और जो लोग कभी उनके साथ खड़े थे, उन्हें क्यों छोड़ दिया गया।”

