जम्मू: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सेवा पर्व के अंतर्गत ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जम्मू में आयोजित स्वच्छता विजयोत्सव में भाग लिया और संबोधित किया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने ग्रामीण और शहरी जम्मू-कश्मीर के बीच की खाई को पाटने तथा समृद्धि सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 वर्षों के प्रदर्शन में ही केंद्र सरकार की जम्मू- कश्मीर के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता देखी जा सकती है।
उपराज्यपाल ने गाँवों को अधिक सुखी और स्वस्थ बनाने के लिए जनस्वास्थ्य एवं कल्याण को प्रोत्साहित करने और समुदाय की भागीदारी बढाने हेतु स्वच्छता अभियानों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘शिक्षा, सामाजिक कल्याण, ग्रामीण विकास, शहरी विकास और स्वास्थ्य के अंतर्गत पहलें एक न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। हमें चुनौतियों को पार कर जम्मू-कश्मीर के समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्यों को हासिल करना होगा।’ उपराज्यपाल ने ग्रामीण जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, ‘सेवा पर्व को अलग- थलग नहीं देखा जाना चाहिए। इसे जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। हमें एकीकृत राष्ट्रीय पहचान के निर्माण की दिशा में काम करना होगा, ताकि सभी का कल्याण और समृद्धि सुनिश्चित हो।’ उन्होंने अधिकारियों को जल निकायों के किनारों पर अतिक्र मण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया। एलजी ने कहा कि नागरिकों को भी अपनेअ पने क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों पर हो रहे अतिक्र मण की सूचना प्रशासन को देनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आओ मिलकर एक सशक्त और सुरक्षित भविष्य का निर्माण करें। इस अवसर पर, उपराज्यपाल ने एसबीएम-जी अंतर्गत विभिन्न स्थानों के लिए गोबरधन बायोगैस संयंत्र और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने सफाई मित्रों से संवाद किया और स्वच्छाग्रहियों को सम्मानित किया। उन्होंने श्री अमरनाथ जी यात्रा 2025 पर सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता प्रथाओं को प्रदर्शित करने वाली एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की। इस अवसर पर सांसद जुगल किशोर शर्मा, जम्मू डीसीसी चेयरमैन भरत भूषण, विधायकगण युधवीर सेठी, विक्र म रंधावा, अरविंद गुप्ता, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव मोहम्मद ऐजाज़, जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा, जम्मू के उपायुक्त डॉ. राकेश मन्हास, ग्रामीण स्वच्छता महानिदेशक सुश्री अनु मल्होत्रा, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा विभिन्न सम्बंधित नागरिक भी उपस्थित थे

