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सरला भट हत्या मामले में यासीन मलिक ने बचाव का पक्ष वापस लिया, दोषी पाए जाने पर मौत की सजा की मांग

श्रीनगर: जेल में बंद जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक ने 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट के अपहरण और हत्या से जुड़े मामले में अदालत के सामने बड़ा बयान दिया है। मलिक ने कहा है कि वह अब इस मामले में अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही का बचाव नहीं करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर अदालत उन्हें दोषी पाती है, तो उन्हें मौत की सजा दी जाए। हालांकि, मलिक ने सरला भट की हत्या में शामिल होने से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है।

25 पन्नों के बयान में रखी अपनी बात

मलिक ने श्रीनगर में TADA/POTA मामलों की सुनवाई करने वाले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के सामने अपने वकील के माध्यम से 25 पन्नों का बयान दाखिल किया है। इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में अपना बचाव नहीं करने का उनका फैसला अपराध स्वीकार करने या अपने ऊपर लगे आरोपों को मानने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। मलिक ने अपने खिलाफ पेश किए गए सबूतों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी आपत्ति जताई कि करीब तीन दशक पहले हुई घटना से जुड़े मामले में इतने लंबे समय बाद कानूनी कार्यवाही फिर से शुरू की गई है।

जून में दाखिल हुई थी चार्जशीट

यह घटनाक्रम स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) की ओर से जून में दाखिल की गई चार्जशीट के बाद सामने आया है। चार्जशीट में सरला भट के अपहरण और हत्या के मामले में यासीन मलिक समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। सरला भट उस समय शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में नर्स के रूप में काम कर रही थीं। अप्रैल 1990 में उनका कथित तौर पर अपहरण किया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई थी। मलिक ने अदालत में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों और सबूतों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह इस हत्या में शामिल नहीं थे।

19 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष का जवाब सुनने के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। इसके बाद अदालत मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला करेगी। यासीन मलिक फिलहाल 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। सरला भट हत्या मामले में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही में अब अदालत के सामने उनके द्वारा बचाव का पक्ष नहीं रखने का फैसला महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। मामले में अंतिम फैसला अदालत द्वारा पेश किए जाने वाले सबूतों और पूरी कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

📍 Location: Srinagar (Srinagar)

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