Last Updated: November 7, 2026

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‘जॉब सीकर नहीं, अवसर पैदा करने वाले बनें युवा’, SMVDU के फाउंडेशन डे पर LG का संदेश

August 19, 2026

‘जॉब सीकर नहीं, अवसर पैदा करने वाले बनें युवा’, SMVDU के फाउंडेशन डे पर LG का संदेश

जम्मू: लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी (SMVDU) को लेकर 2040 का एक बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने विश्वविद्यालय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एडवांस्ड रिसर्च, इनोवेशन, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के साथ मजबूत साझेदारी पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को सिर्फ डिग्री देने वाली संस्था नहीं, बल्कि देश और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान तैयार करने वाला ग्लोबल ज्ञान और इनोवेशन सेंटर बनना चाहिए।

23वें फाउंडेशन डे पर रखी भविष्य की रूपरेखा

LG मनोज सिन्हा बुधवार को SMVDU के 23वें फाउंडेशन डे समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि SMVDU ने शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसकी इमारतों से नहीं होती, बल्कि वहां पैदा होने वाले विचारों, सपनों और नई संभावनाओं से होती है।

AI और रिसर्च पर विशेष जोर

मनोज सिन्हा ने विश्वविद्यालय की रिसर्च उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि SMVDU के फैकल्टी सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग समेत करीब 140 रिसर्च प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। विश्वविद्यालय में AI और डीप लर्निंग की आधुनिक लैब भी स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को 14 पेटेंट मिले हैं और करीब 30 स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया गया है। LG ने विश्वविद्यालय से इन पेटेंट और नई तकनीकों को सिर्फ कागज तक सीमित न रखने, बल्कि उन्हें व्यावसायिक रूप देने और लोगों के काम आने वाले उत्पादों में बदलने पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा नियमित ओपन-हाउस मीटिंग आयोजित करने की सलाह दी।

छात्रों को नौकरी खोजने वाला नहीं, अवसर पैदा करने वाला बनाएं

LG ने कहा कि विश्वविद्यालय की असली सफलता उसके छात्रों और पूर्व छात्रों यानी एल्युमनाई के योगदान से तय होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी पाने की तैयारी नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन्हें नए अवसर पैदा करने वाला और रोजगार देने वाला बनने के लिए तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय से शिक्षा के साथ उद्यमिता, नेतृत्व, रिसर्च और जोखिम लेने की क्षमता को भी बढ़ावा देने को कहा।

1 लाख करोड़ रुपये के रिसर्च फंड का लाभ उठाने की अपील

मनोज सिन्हा ने केंद्र सरकार की रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को उपलब्ध सरकारी फंड और रिसर्च चेयर्स जैसी योजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वाइस चांसलर फैकल्टी और चुनिंदा छात्रों की एक टीम बनाएं, ताकि SMVDU से अधिक से अधिक रिसर्च प्रस्ताव और आवेदन भेजे जा सकें।

‘हमें क्या पढ़ाना है’ से ज्यादा जरूरी है ‘कौन सी समस्या हल करनी है’

अपने संबोधन में LG ने विश्वविद्यालयों की सोच में बदलाव की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि संस्थानों को केवल यह सोचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए कि छात्रों को क्या पढ़ाया जाए। इसके बजाय यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि समाज और देश के सामने कौन-कौन सी वास्तविक समस्याएं हैं और उनके समाधान कैसे तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने कम रिसर्च, फैकल्टी की कमी, जवाबदेही और इंडस्ट्री से कमजोर संबंधों को भारतीय विश्वविद्यालयों की प्रमुख चुनौतियों में शामिल किया।

हेल्थकेयर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रिसर्च की अपील

मनोज सिन्हा ने SMVDU से हेल्थकेयर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शहरीकरण और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी, रचनात्मक सोच, कम लागत में इनोवेशन करने की क्षमता और दुनिया भर में फैला भारतीय समुदाय देश की बड़ी ताकत हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय से इन ताकतों को अपने रिसर्च सिस्टम से जोड़कर ऐसे समाधान तैयार करने को कहा, जिनका सीधा फायदा आम लोगों को मिले।

LG ने समग्र शिक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, जिम्मेदारी, नेतृत्व और समाज के प्रति प्रतिबद्धता की सीख भी मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2040 तक SMVDU आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च, इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

📍 Location: Srinagar (Srinagar)

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