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अमरनाथ यात्रा पर महबूबा मुफ्ती का बड़ा बयान, कहा- पहलगाम के लोगों को यात्रियों की…

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि तीन जुलाई से शुरू होने वाली शांतिपूर्ण और सुरक्षित अमरनाथ यात्रा सुनिश्चित करना हर कश्मीरी की सामूहिक जिम्मेदारी है। महबूबा ने प्रदेश के अनंतनाग जिले के पर्यटन स्थल पहलगाम के दौरे के दौरान यह बात कही। गौरतलब है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक मारा गया था।

पहलगामवासी अमरनाथ यात्रियों का ध्यान रखे
अमरनाथ यात्रा के दौरान पहलगाम यात्रियों के लिए पारंपरिक आधार शिविर के रूप में कार्य करता है। उन्होंने पर्यटन स्थल पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। इसलिए मैंने अमरनाथ यात्रा के मार्ग पर अपने सभी कार्यकर्ताओं को बुलाया है। मैंने उनसे कहा कि पहलगाम के लोगों को अमरनाथ यात्रा का ध्यान रखना है ताकि यात्रा अच्छी तरह से चले।’’ उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में पहलगाम के निवासियों की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘पहलगाम के लोगों ने देश में हिंदू-मुस्लिम एकता को जीवित रखा है। सदियों से कश्मीर और पहलगाम के लोगों ने अमरनाथ यात्रियों का खुले दिल से स्वागत किया है और यह विरासत उसी भावना और ईमानदारी के साथ जारी रहेगी।’’

अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी
महबूबा ने कहा कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। चाहे कितने भी सुरक्षा बल तैनात किए जाएं, शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा की वास्तविक जिम्मेदारी पहलगाम के हर निवासी की है। एक बार अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण सम्पन्न हो जाएगी, तो लोगों का विश्वास फिर से लौट आएगा और पर्यटन फिर से शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से की ये अपील 
पीडीपी प्रमुख ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से चंदनवारी, अरु घाटी, बेताब घाटी और पहलगाम के अन्य पार्कों जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने के लिए त्वरित कार्रवाई करने का भी आग्रह किया। उन्होंने इनके फिर से खुलने में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘मैं उमर साहब से पूछना चाहती हूं कि कोई भी आपको सेवानिवृत्त लोगों को नौकरी देने या अपनी इच्छानुसार अधिकारियों के तबादले करने से नहीं रोकता है। यदि आप इन मामलों में अपने अधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकते हैं, तो आप यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर सकते कि ये पार्क जनता के लिए खुले रहें? हम विपक्ष में रहते हुए केवल अपनी आवाज उठा सकते हैं। लेकिन यदि आप सरकार में होते हुए भी केवल बयानबाजी करते हैं, तो आपमें और हममें क्या अंतर है?’’

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